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मीडिया काउंसिल ऑफ़ जर्नलिस्टस ने मनाया राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव 

देशभर से मथुरा में जुटे सैकड़ों पत्रकार

 

मथुरा। लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मीडिया की है, इसीलिए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है। जनता सबसे ज्यादा  भरोसा आज भी मीडिया पर करती है।                            

यह विचार रविवार को हिंदी दिवस के मौके पर मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्टस उत्तर प्रदेश के बैनर तले हिंदी दिवस के मौके पर खंडेलवाल सेवा सदन में आयोजित राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव 2025 के  आयोजन में 'लोकतंत्र में पत्रकारता की भूमिका' विषयक गोष्ठी मे  उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को नकारात्मक की जगह सकारात्मक खबरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। थोड़ी सी चूक लापरवाही से छोटी छोटी  घटनाएं भी देश और समाज के लिए घातक साबित हो जाती हैं इस श्री चौधरी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। 


विशिष्ट अतिथि बलदेव क्षेत्र के विधायक पूर्ण प्रकाश ने  विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की ओर से मीडिया चौथे  स्तंभ के रूप में लोकतंत्र के तीनों स्तंभों की निगरानी करता है।इसलिए पत्रकारों को  जिम्मेदारी भी समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। 


मीडिया काउंसिल ऑफ़ जर्नलिस्टस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अध्यक्षता करते हुए संजय राठी ने  कहा सरकार को चाहिए कि वह मीडिया को चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता प्रदान करे। इसके लिए देशभर  में पत्रकारों का सतत संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तककि  मीडिया को चौथे स्तंभ की मानता नहीं मिल जाती। गोष्ठी में विचार व्यक्त करने वाले वाले अन्य प्रमुख वक्ताओं में राष्ट्रीय संयोजक ललित शर्मा,  राष्ट्रीय संगठन महामंत्री नीरज गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष घनश्याम बाघी, पूर्व मंत्री रवि कांत गर्ग, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल प्रमुख समाज सेवी दीपक गोयल आदि ने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी का सफल संचालन मीडिया काउंसिल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज गोयल ने किया। 
इस मौके पर देश के विभिन्न प्रदेशों से आए हुए पत्रकार साथियों के अलावा जनपद के पत्रकार साथियों को पटुका,स्मृति चिन्ह और डायरी पेन भेट कर सम्मानित किया गया। पत्रकारों के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने विशिष्ट लोगों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया । 


विचार गोष्ठी के बाद शाम को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व मंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता रविकांत गर्ग ने किया। कवियों ने अपनी कविताओ के की मध्यम से देश के राजनीतिक परिदृश्य पर तीखे तंज और व्यंग पर श्रोताओं ने भरपुर आनंद लिया।  काव्या पाठ करने वाले कवियों में प्रोफेसर ओमपाल निडर, पंडित अशोक नगर, संजय सिंह बाबूजी, अर्जुन सिंह चांद, अजय अटटा पट्टू, विभा शुक्ला, कन्हैया राज, मनीष मगन, विकास बैरागी, बाबूलाल डींगिया, उन्नति भारद्वाज, मोहन वीर थे। राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव का संचालन सुशील गोस्वामी और सभी लोगों का आभार मीडिया काउंसिल आफ जर्नलिस्ट्स उत्तर प्रदेश के संयोजक मफतलाल अग्रवाल ने किया।

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