बांके बिहारी कोरिडोर: 25 साल बाद हिम्मत जुटा पायी योगी सरकार
News By :
दिलीप कुमार यादव/मफतलाल अग्रवाल
मथुरा। वृन्दावन बांके बिहारी कारीडोर निर्माण पर रार जारी है । उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के ग्रीन सिग्नल के बाद भी रायशुमारी कर रही है । वोट बैंक बिगड़ने का डर न हो तो काम कब का शुरू हो जाता। भाजपा सरकार 25 साल बाद यह हिम्मत जुटा पाई है । ब्रज के मंदिरों के अधिग्रहण का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा लेकिन तत्कालीन नगर विकास मंत्री लालजी टंडन ने विधानसभा में भारत के लोकतांत्रिक गणराज्य होने के चलते धर्म विशेष को सहूलियत देने से लिखित जबाब में इन्कार कर चुके थे।
ब्रज के मंदिर, 84 कोस परिक्रमा, वृन्दावन शोध संस्थान, ब्रज भाषा अकादमी की स्थापना सहित ब्रज के अनेक सवाल और याचिका तत्कालीन विधायक अजय कुमार पोईया के दो कार्यकालों में छाये रहे। मंदिरों के अधिग्रहण का मुद्दा उठाने पर उन्हें जन आक्रोश भी झेलना पड़ा और सरकार ने भी धर्म विशेष को सहूलियत न दे पाने का झुनझुना थमा दिया। बात ठीक भी थी। आज हिन्दू देवालयों की बात है तो कल अन्य धर्मावलंबी भी इस तरह की मांग कर सकते हैं। यह सभी मसले विधानसभा की डिजिटल कार्यवाही में भी अंकित हैं।
कयी साल तो गोवर्धन के मुड़िया पूर्णिमा मेला को राजकीय मेला घोषित करने और व्यवस्थाओं के लिए राजकीय मदद की मांग होती रही। करोड़ी मेले में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने, सामान्य जरूरी व्यवस्थाओं का खर्च देने में भी सरकारों ने दशकों लगा दिए। या यों कहिए कि मेले में आने वाली भीड़ की संख्या ने जरूरी इंतजामात के लिए सरकार को मजबूर कर दिया। एक बार तो भीड़ के दबाव के चलते गोवर्धन थाने की दीवार ही ढह गयी। तत्कालीन अन्य विधायक राजकुमार रावत, कारिंदा सिंह, श्याम सिंह अहेरिया आदि भी तीर्थाटन के लिए जरूरी इंतजामात के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट करते रहे ।
मुलायम-अखिलेश यादव भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को नहीं दे पाए खास सौगात
योगी आदित्यनाथ की सरकार में पर्यटन के अलावा तीर्थाटन को भी संजीदगी से समझा और उस पर काम किया। खुद को श्री कृष्ण के वंशज कहने वाले समाजवादी पार्टी के कर्ता-धर्ता मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव भी हिन्दू तीर्थाटन के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा जैसे यादव समाज के प्रमुख संगठन भी उन्हें इस ओर ध्यान देने का आग्रह करते रहे। इधर योगी सरकार ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बरसाना की राधाष्टमी जैसे आयोजनों के लिए खजाने का पिटारा खोल दिया। ब्रज के अनेक कलाकारों को भी कला प्रदर्शन का मौका मिला। यानी कंस के कारागार में जन्मे लाला कन्हैया का जन्मोत्सव इतनी भव्यता दिव्यता के साथ हजारों सालों में पहली बार हुआ होगा। सरकार तीर्थाटन का महत्व समझती है। इससे पंडे, पुजारी, आटो चालक, ट्रेवल कंपनी, होटल-ढाबे वाले, पोशाक के काम में लगे हजारों कारीगर-महिलाएं, कंठी -माला के काम में लगे हजारों लोगों की रोजी रोटी चलती है । अनेक बड़ी कंपनियां तीर्थाटन से जुड़े कारोबारी आईडिया को लेकर चिंतित कर रही हैं। सबकी नजर करोड़ों की संख्या में आने वाले आस्थावान लोगों की जेब पर है । इस श्रेणी के लोगों का बजट भले ही कम हो लेकिन तादात इतनी ज्यादा होती है कि पर्यटन की आय से कयी गुना ज्यादा लोगों की जीविका चलाने में यह सहायक बनते हैं।
अब जब सरकार तीर्थाटन को व्यवस्थित करने की दिशा में काम कर रही है तो एक विशेष वर्ग राय मचाए हुए है।
1996 की बाढ़ और गोवर्धन परिक्रमा
मुझे ठीक से याद है 1996 में जिले के जखनगांव, सौंख के नगला सेरा,सांवला, रतू, बड़गांव सरीखे गांव में पानी भर गया । कयी इलाकों में नाब चलने लगीं। गोवर्धन की परिक्रमा में भी पानी भर गया । लोग दंडवती परिक्रमा पानी में भीगते हुए लगाने को विवश थे। उस दौर में पूरे जिले में एकमात्र जेसीबी मशीन एमबीडीए के पास थी।
गोवर्धन के पानी के निकास के लिए जमुनावता के निकट से गुजरने वाले नाले में कट लगाना था। वह भी राधाकुंड रोड स्थित इण्डियन ओवरसीज बैंक के सामने से लगाया गया । यह का चार मजदूरों का 2 घण्टे का काम नहीं था लेकिन इसे न कराके लोगों ने दानघाटी मंदिर पर जाम लगा दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि उस समय भी दानघाटी मंदिर के संचालन वाली गिर्राज सेवा समिति के खाते में करोड़ों रुपए थे।
बात पते की रार पर वृन्दावन बांके बिहारी कॉरिडोर पर रार के कुछ मुद्दे जायज लगते हैं। सरकारी दखलंदाज़ी अभी भी चल रही है। मंदिरके मुकदमे और रिसीवरों की नियुक्ति इसका जीता जागता प्रमाण है। कारीडोर कमेटी में किसी भी पक्ष के एकाधिकार की स्थिति उचित नहीं होगी। सरकारें बदलने साथ ही चीजें पलटती हैं। इसके परिणाम की गारंटी कोई नहीं दे सकता। कारीडोर पर रार सरकार को और पुख्ता तंत्र विकसित करने की दिशा में विचार का अवसर दे रही है जोकि हर लिहाज से ठीक है। हर नयी पहल का अंधानुकरण और आंख बंद कर विरोध कतयी जायज नहीं ठहराया जा सकता।
Recent Comments
-
graskerge
2023-10-31 02:37:58
finasteride prescription floroda If your child has diabetes, then amoxicillin may interfere with the glucose tests giving false results



Leave A Comment