मथुरा में दम तोड़ रहा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान

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– पूर्व माध्यमिक की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने को नहीं मिले ट्रेनर

मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को प्रशिक्षक नहीं मिल सके। इससे वर्तमान शैक्षिक सत्र में भी बेटियां आत्मरक्षा के गुर नहीं सीख सकेंगी। विभाग को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 6 ही ट्रेनर मिले हैं। चयनित प्रशिक्षक छात्राओं को जूडो, कराटे और लाठी चलाने का प्रशिक्षण देंगे। प्रदेश की योगी सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा मथुरा में दम तोड़ता नजर आ रहा है।
शासन ने वर्ष 2018 के अंत में बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाने का आदेश जारी किया था। आदेश जारी होने के बाद विभाग ने जनपद में प्रशिक्षक नियुक्त करने के लिए विज्ञापन जारी किया। आदेश के मुताबिक जनपद की सभी न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक प्रशिक्षक की नियुक्ति की जानी थी। विज्ञापन जारी होने के बाद मात्र सात प्रशिक्षकों ने ही आवेदन किया जबकि विभाग को प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक ट्रेनर के हिसाब से कुल 89 प्रशिक्षक रखे जाने थे। काफी इंतजार के बाद भी जब सात से अधिक आवेदन नहीं आए तो विभाग ने आखिरकार मात्र सात ही ट्रेनर को काउंसलिंग के लिए डायट पर बुलाया। यहां काउंसलिंग के बाद छह प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए चुना गया। यह प्रशिक्षक छात्राओं को शारीरिक शिक्षा के अलावा जूडो, कराटे और लाठी चलाने आदि की ट्रेनिंग देंगे। जिससे किसी भी विषम परिस्थिति में फंसने पर छात्रा स्वयं की रक्षा करने में सक्षम बन सके। छात्राओं में आत्मविश्वास उत्पन्न हो सके। ऐसे में यह गौर करने वाली बात है कि जब मथुरा को आवश्यकता 89 प्रशिक्षकों की है तो मात्र छह प्रशिक्षक कैसे छात्राओं को प्रशिक्षण दे सकेंगे। वहीं यह प्रशिक्षण की तय अवधि तीन माह है जबकि अब आधी जनवरी बीत चुकी है और अभी तक चुने गए प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग शुरु करने के लिए पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण अवधि भी कम हो गई है। ऐसे में शासन का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान मथुरा में दम तोड़ता नजर आ रहा है।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा मनोज सिंह ने बताया कि पदों के सापेक्ष आवेदन ही काफी कम संख्या में आए। इससे अधिक प्रशिक्षकों को बुलाया जाना संभव नहीं था। आवेदक प्रशिक्षकों की काउंसलिंग करा दी गई है। शीघ्र ही प्रशिक्षण के लिए पत्र जारी कर दिए जाएंगे।