एससी/एसटी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विकास निगम दे रहा ऋण

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मथुरा। उप्र सरकार द्वारा अनुसूचित जातियांे के आर्थिक उत्थान हेतु उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा निर्धारित सीमा से कम आय वाले अनुसूचित जाति के व्यक्तियों/परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों की वार्षिक आय 46080 रूपये एवं नगरीय क्षेत्र के लाभार्थियों की वार्षिक आय 56460 रूपये से कम होनी चाहिए। सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर्ताओं को आवेदन के साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र, दो फोटो तथा तहसील स्तर से प्राप्त आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित योजनायें निम्नलिखित हैंः

1- पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना (स्वतः रोजगार योजना)
इस योजनांतर्गत अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों को उद्योग-व्यवसाय संचालित करने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से 2 लाख रूपये 15 लाख रूपये तक की योजनायें स्वीकृत की जाती हैं। इसमें रूपये-10000 अनुदान के रूप में दिया जाता है।

2- नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना
वह अनुसूचित जाति के पात्र परिवार जिनके पास 13.32 वर्गमीटर व्यावसायिक स्थल पर भूमि उपलब्ध हैं। उन्हें स्वयं द्वारा दुकान निर्माण कराने हेतु दो किश्तों में 58500$19500 कुल 78000 रूपये का भुगतान कर दुकान का निर्माण कराया जाता है। इसमें 10 हजार रूपये अनुदान एवं 68 हजार रूपए बिना ब्याज का ऋण होता है। इस ऋण का भुगतान 120 मासिक किस्तों में करना होगा। इसमें तहसील द्वारा निर्गत आय, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा भूमि का प्रपत्र एवं तहसील द्वारा जारी जमीन का नजरी नक्शा आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक है।

3- लांड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना
धोबी जाति के आर्थिक उत्थान हेतु विभाग द्वारा लाॅण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना संचालित है। इस योजना की लागत 2.16 लाख रूपये है। इसमें 10 हजार रूपए अनुदान एवं 2 लाख 6 हजार रूपए बिना ब्याज का ऋण होता है। ऋण की अदायगी के क्रम में आवेदन से एक सरकारी सेवक की गारंटी भी ली जाती है। ऋण की अदायगी 60 समान मासिक किस्तों में करनी होती है।

4- सिलाई/टेलरिंग शाॅप योजना
अनुसूचित जाति के युवक/युवतियों के आर्थिक उत्थान हेतु विभाग द्वारा सिलाई/टेलरिंग शाॅप योजना संचालित है। इसकी परियोजन लागत 20 हजार रूपये है। इसमें 10 हजार रूपये अनुदान एवं 10 हजार रूपये बिना ब्याज का ऋण होता है।

5- बैंकिंग काॅरस्पोडेंट योजना
अनुसूचित जाति के युवक/युवतियों के आर्थिक उत्थान हेतु विभाग द्वारा बैंकिंग काॅरस्पोंडेंट योजना संचालित है। इसकी परियोजना लागत 1 लाख रूपये हैं। इसमें 10 हजार रूपये अनुदान, 25 हजार रूपये मार्जिन मनी ऋण 4 प्रतिशत ब्याज दर पर तथा 65 हजार रूपये ब्याज मुक्त ऋण है। उक्त योजना में वाल्मीकी समाज के युवक/युवतियों को प्रथम वरीयता दी जायेगी।

उक्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के पात्र व्यक्ति अपने विकास खंड में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी अथवा खंड विकास अधिकारी से एवं नगरीय क्षेत्र के पात्र व्यक्ति जिला समाज कल्याण अधिकारी पदेन जिला प्रबन्धक उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, मथुरा कार्यालय में सहायक प्रबन्धक अथवा किसी कार्यालय सहायक से जानकारी प्राप्त कर उक्त योजनाओं में 20.11.2020 तक आवेदन कर सकते हैं। 21 नवंबर को राजीव भवन पर आवेदनकर्ताओं का साक्षात्कार आयोजित होगा। अभ्यार्थी साक्षात्कार के समय अपने आय एवं जाति तथा अन्य प्रमाण पत्र की मूल प्रति अपने साथ अवलोकित कराने हेतु अवश्य लेकर जाएं।