सीएफआई मामलाः हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक, वादी सब इंस्पेक्टर को जारी किए नोटिस

0
429

मथुरा। राजद्रोह के केस में मांट पुलिस द्वारा गिरफ्तार सीएफआई सदस्यों की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को प्रारंभिक सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक मथुरा, थाना मांट में मुकदमे के वादी प्रबल प्रताप सिंह और भारत संघ को भी राज्य सरकार के साथ पक्षधर बनाकर नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।

विचारण न्यायालय में सदस्यों के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एकादश मयूर जैन की अदालत ने 13 नवंबर को सीएफआई सदस्यों की जमानत नामंजूर कर दी थी। शीघ्र ही उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। सीजेएम न्यायालय के क्षेत्राधिकार को चुनौती की उनकी पुनरीक्षण याचिका 27 नवंबर को जिला जज साधना रानी ठाकुर के समक्ष सुनी जाएगी। इधर फैसल की जमानत पर एएसजे द्वितीय महेंद्रनाथ की अदालत ने 20 नवंबर की तारीख देते हुए थाने से केस डायरी और कमेंट्स मंगाए जाने के आदेश दिए हैं। बताया कि हाईकोर्ट इलाहाबाद में प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सीएफआई सदस्यों आलम, अतीकुर्र रहमान और मसूद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी और शास्वत आनंद ने कोर्ट में अपनी बात रखी। न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा की पीठ ने जेल अधीक्षक मथुरा, थाना मांट में मुकदमे के वादी प्रबल प्रताप सिंह और भारत संघ को भी राज्य सरकार के साथ पक्षधर बनाकर नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।