हिंदू इंटर कालेज में पदोन्नति के पद पर कर दी सीधी भर्ती, शिक्षा मंत्री से हुई शिकायत

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मथुरा। जनपद के सवित्त इंटर कालेजों में आए दिन नए-नए विवाद उत्पन्न होते रहते हैं। इन विवादों के चलते इंटर कालेज राजनीति और विवादों का अखाड़ा बन गए हैं। अब एक नया विवाद कोसीकलां के हिंदू इंटर कालेज में सामने आया है। यहां कार्यरत परिचारक ने कालेज के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य पर एक लिपिक की नियुक्ति में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से शिकायत की है।

हिंदू इंटर कालेज कोसीकलां के परिचारक गिर्राज प्रसाद शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, कालेज एक अशासकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान है। आरोप लगाया है कि इस संस्थान के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ने तत्कालीन डीआईओएस से सांठगांठ कर मनमाने तरीके से लिपिक पद पर अयोग्य व्यक्ति की नियुक्ति कर ली है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संस्था में लिपिक संवर्ग के 4 पद हैं। इनमें 50 प्रतिशत सीधी भर्ती एवं 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटे से भरे जाने का माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत प्रावधान है।

संस्था में 12 नवंबर 2018 को सहायक लिपिक का पद रिक्त हुआ। उस समय संस्था में तीन लिपिक सीधी भर्ती से नियुक्त कार्यरत थे। नियमानुसार चौथा पद पदोन्नति से भरा जाना चाहिए लेकिन प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ने शिक्षा अधिकारियों से सेटिंग गेटिंग कर चौथे रिक्त पद को भी सीधी भर्ती से भर लिया है। 30 अगस्त 2019 को नियुक्ति के समय तनुज तिवारी के पास लिपिक पद पर नियुक्ति के लिए आवश्यक डोएक का सीसीसी प्रमाण पत्र भी नहीं था। इसके बाद भी तत्कालीन डीआईओएस द्वारा नियुक्ति के लिए अनुमोदन दे दिया गया। इस तरह कालेज में लिपिक के सभी चारों पद सीधी भर्ती से भर लिए गए। जो कि सरासर शासनादेश का उल्लंघन है। नियमानुसार इस पद पर संस्थान के वरिष्ठतम अर्ह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति की जानी चाहिए थी। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराने एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

प्रधानाचार्य हेमंत कुमार ने विषबाण से बातचीत में कहा कि तनुज तिवारी की माताजी कालेज में ही लिपिक पद पर कार्यरत थीं। उनकी सेवा में रहते हुए मृत्यु हो गई। माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत ही तनुज तिवारी को मृतक आश्रित पद पर नियुक्ति दी गई है। रही बात नियुक्ति के समय सीसीसी प्रमाण पत्र न होने की तो विभाग द्वारा तनुज तिवारी को सीसीसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया था। वह उन्होंने कुछ समय बाद ही प्राप्त कर लिया है। शिकायतकर्ता गिर्राज प्रसाद द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। गिर्राज का कालेज में सभी के खिलाफ व्यवहार काफी खराब है। वह काम नहीं करना चाहता है। इसके चलते ही वह गलत आरोप लगाते रहता है।

प्रबंधक हरिओम गुप्ता ने विषबाण को बताया कि लिपिक तनुज तिवारी की नियुक्ति में कोई अनियमितताएं नहीं बरती गई है। डीआईओएस स्तर से बनाए गए पैनल ने इनकी नियुक्ति की है। पदोन्नति के पद पर शिकायतकर्ता अभी एसीपी भी नहीं लगी है। इनके व्यवहार के चलते अभी तक एसीपी नहीं लगी है। 2017 में मैंने चार्ज लिया है। अब तक 4 बार निलंबित हो चुके हैं।