पंचायत चुनावों में मात देने के लिए रचा जा रहा चक्रव्यूह, लेनदेन की चैटिंग वायरल

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मथुरा। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा अभी भले ही न हुई हो लेकिन राजनीतिक गोटियां फिट होना शुरू हो गया है। इसके लिए जहां अंदरखाने सौदेबाजी के खेल चल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अपने विरोधियों को पटखनी देने का दौर भी शुरू हो गया है। किसी की बातचीत वायरल की जा रही है तो किसी की चैटिंग को वायरल कर राजनीतिक भविष्य चैपट करने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा, रालोद, बसपा एवं सपा सहित अन्य राजनीतिक दल जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सक्रिय हो गए हैं। जिससे भाजपा द्वारा मंडल स्तर पर बैठकों का आयोजन भी आरंभ कर दिया गया है। जिला पंचायत सदस्य के दावेदारों द्वारा भी नेताओं के चक्कर लगाना शुरू कर दिया गया है। टिकट की लाइन में लगे अनेक दावेदार जहां साम, दाम, दंड, भेद की नीति को अंजाम दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला पंचायत की टिकट दिलाने के नाम पर भी मोटी रकम के लेन देन की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में होने लगी हैं। सौदेबाजी के खेल भी चर्चाओं में हैं। बताते हैं कि वर्ष 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य की कीमत लगभग तीन करोड़ तक पहुंच गई थी। करोड़ों की इसी रकम के चलते ग्रामीण अंचल में अनेक क्षेत्रीय एवं नव धनाढ्य नेता विभिन्न दलों से जिला पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए टिकट की दौड़ में शामिल हो गए हैं।

एक तरफ नेता जहां अपने प्रतिद्वंदी को मात देने के लिए पार्टी हाईकमान तक शिकायत कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ एक ताजा मामला भाजपा के जिला महामंत्री सत्यपाल चौधरी एवं रालोद के जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौनियां की कथित चैटिंग सुर्खियों में बनी हुई है। इसमें रालोद जिलाध्यक्ष भाजपा नेता सत्यपाल चौधरी से पार्टी ज्वाइन के नाम पर 5 लाख रूपए के लेनदेन करने की बात कर रहे हैं। जो बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गई है। इसमें भाजपा नेता के आनाकानी करने पर रालोद जिलाध्यक्ष द्वारा 1 लाख रूपए पहुंचाने की बात कर रहे हैं। कथित चैटिंग का खुलासा होने के बाद भाजपा एवं रालोद में हड़कंप मच गया है। इस मामले में भाजपा के जिला महामंत्री ने चैटिंग को फर्जी करार देते हुए एसएसपी से शिकायत की है। भाजपा जिलाध्यक्ष मधु शर्मा ने इस मामले में एसएसपी को फोन कर जांच करने की बात कही।

रालोद और भाजपा के दोनों ही नेता इस मामले को पूरी तरह फर्जी करार दे रहे हैं। देखने वाली बात होगी एसएसपी द्वारा कराई गई जांच में यह मामला फर्जी साबित होता है अथवा नहीं। इससे पहले भी एक अश्लील चैटिंग वायरल हुई थी। जिसे भी नेता द्वारा फर्जी साबित करने का प्रयास किया गया था। उसकी शिकायत भी उच्चाधिकारियों से की गई थी लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट भी आज तक सामने नहीं आ सकी है और मामला ठंडा बस्ते में पड़ा हुआ है। जानकार सूत्रों का कहना है कि यह चैटिंग नजदीकी लोगों द्वारा वायरल की गई है। जिससे कि अपने प्रतिद्वंदी नेताओं को चुनावों में मात दी जा सके।

भाजपा के जिला महामंत्री सत्यपाल चौधरी ने विषबाण को बताया कि चैटिंग पूरी तरह फर्जी है। उनकी किसी भी रालोद के नेता से पार्टी ज्वाइन के नाम पर लेनदेन की बात नहीं की है। वह किसी भी तरह की एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार हैं। यह सब राजनीतिक विरोधियों को उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत किया जा रहा है। इस मामले में एसएसपी से शिकायत कर जांच की मांग की गई है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।

रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौनियां ने विषबाण से बातचीत में कहा कि यह मामला मेरी तो जानकारी में ही नहीं है। मैंने किसी भी प्रकार की कोई बातचीत भाजपा नेता के साथ नहीं हुई है। रालोद पार्टी ज्वाइन कराने के लिए किसी भी प्रकार के लेनदेन में विश्वास नहीं करती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तैयारी कर रहे हैं तो उन्होंने दावा किया कि वह भविष्य में किसी भी प्रकार का चुनाव नहीं लड़ेंगे।