काउंसलिंग से बाहर हुए 139 शिक्षक-शिक्षिका, जमकर हुआ हंगामा

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मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते शुक्रवार को काउंसलिंग कराने पहुंचे अभ्यर्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी 139 शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया। छोटी-छोटी कमियों के चलते उनकी काउंसलिंग निरस्त करते हुए उनके मामले शासन को भेज दिए गए हैं। अब शासन से निर्देश मिलने के बाद ही इन मामलों का निरस्तारण हो सकेगा।

उप्र शासन स्तर से 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में न्यायालय के आदेश के बाद 31277 शिक्षकों की भर्ती किए जाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी। इसमें मथुरा में करीब 460 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। इसके तहत 16 अक्टूबर को मथुरा में पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। नियुक्ति पत्र वितरण के बाद बीएसए आॅफिस पर इन्हें ज्वाइन भी करा लिया गया। शुक्रवार को इन लोगों की काउंसलिंग होनी थी लेकिन यहीं आकर करीब 139 शिक्षक-शिक्षिकाओं के मामले में पेंच फंस गया है। इन शिक्षकों के दस्तावेजों में छोटी-मोटी कमियों हैं। इनमें से किसी के नाम में स्पेलिंग में कमी है तो किसी के नाम के आगे सरनेम लगा हुआ है तो किसी में से सरनेम गायब है। ऐसी कमियों के चलते इन शिक्षकों के नाम काउंसलिंग सूची से गायब थे। इससे आक्रोशित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए आॅफिस के सामने रोड जाम कर दिया। अभ्यर्थियों के रोड जाम करने की जानकारी मिलने पर पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस एवं शिक्षा अधिकारियों के समझाने के बाद अभ्यर्थी सड़क से हट गए। हालांकि इसके बाद भी उन्हें काउंसलिंग में प्रतिभाग नहीं करने दिया गया। ऐसी छोटी मोटी कमियों के चलते ज्वाइन करने से महरूम रहे अभ्यर्थी काफी निराश नजर आए।
हालांकि ऐसे कई मामले भी सामने आए। जिनमें स्थानीय स्तर पर लिपिक एवं अधिकारियों की मनमानी नजर आई लेकिन इसके बाद भी अधिकारी मामलों का निस्तारण करने में असहाय नजर आए।

इस संबंध में बीएसए वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कुछ कमियां हैं। ऐसे मामले विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दिए गए हैं। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही ऐसे मामलों का निस्तारण हो सकेगा।