आईटीआई फर्जीवाड़ाः भाजपा के वर्तमान-पूर्व विधायक आमने-सामने, पीएमओ तक पहुंची शिकायत

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मथुरा। जनपद के चार ब्लाॅक में स्थापित आईटीआई संस्थानों को भाजपा विधायक की शिकायत के बाद जनपद की 100 आईटीआई को मान्यता निरस्तीकरण के नोटिस जारी हुए थे। इस मामले में अब भाजपा के ही पूर्व विधायक खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक ने मथुरा में जांच करने आई जांच टीम पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री से इस मामले का निस्तारण कराने हेतु पत्र लिखा है।

भाजपा के बलदेव विधानसभा से विधायक पूरन प्रकाश द्वारा कुछ माह पूर्व विधानसभा में जनपद के चार ब्लाॅक फरह, बलदेव, राया और मथुरा ब्लाॅक में स्थापित आईटीआई संस्थानों को लेकर शिकायत की थी। विधायक के अनुसार इन आईटीआई संस्थानों को मान्यता देने में मानकों से खिलवाड़ किया गया था। उक्त शिकायत का संज्ञान लेते हुए शासन के आग्रह पर एनसीवीटी ने जनपद के आईटीआई संस्थानों की तीन सदस्यीय जांच टीम से जांच कराई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एनसीवीटी ने जनपद की 110 आईटीआई को क्यों न मान्यता निरस्त कर दी जाए संबंधी नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। नोटिस का जवाब भी आईटीआई संचालकों द्वारा दे दिया गया।

अब इस मामले में भाजपा के ही एक पूर्व विधायक अजय पोईया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पूर्व विधायक ने जांच टीम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जांच करने आई टीम को मथुरा में शानदार होटल में ठहराया गया। यहां उन्हें जनपद के जिन संस्थानों की सूची सौंप दी गई। उन्हीं संस्थानों को नोटिस जारी कर दिए गए। जबकि आईटीआई को मान्यता दिए जाने से पूर्व भी एक कमेटी द्वारा संस्थान के मानकों की जांच की जाती है। यदि संस्थान मानकानुसार नहीं होते तो पूर्व में ही मान्यता नहीं मिलती। या तो पहले वाली जांच टीम ने मान्यता दिए जाने के लिए गलत संस्तुति की थी अथवा इस टीम द्वारा मान्यता निरस्तीकरण किए जाने संबंधी गलत जांच रिपोर्ट तैयार की है। पूर्व विधायक ने जोर देते हुए लिखा है कि जांच करने आई टीम में नोडल अधिकारी राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य को भी शामिल नहीं किया गया है। जबकि उन्हें शामिल किया जाना चाहिए था। जांच टीम द्वारा कोई फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी भी नहीं की गई है। जांच समिति संभवतः निष्कृष्ट रूप से धन उगाही समिति है। पूर्व विधायक पोईया ने जांच समिति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्यवाही एवं मथुरा के 110 आईटीआई को जारी नोटिस को निरस्त करने की मांग की है।
पूर्व विधायक अजय पोईया द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही मथुरा की राजनीति में यह चर्चा का विषय बन गया है। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि आईटीआई संस्थानों को लेकर भाजपा के वर्तमान और पूर्व विधायक आमने सामने आ गए हैं। लोगों में यह भी चर्चा है कि पूर्व विधायक अजय पोईया द्वारा यह पत्र लिखकर नोटिस निरस्तीकरण की मांग इसलिए की गई है क्योंकि वह बरारी स्थित श्री हीरालाल तेजोदेवी आईटीआई संस्थान के प्रबंधक हैं और उनका संस्थान भी उस 110 संस्थानों की सूची में शामिल है। जिसके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं।

निरस्त हुई आईटीआई संस्थानों की मान्यता
हाल ही में प्रदेश के 101 आईटीआई संस्थानों की मान्यता निरस्त कर दी गई। इनमें मथुरा के भी 20 संस्थान शामिल हैं। इनमें पंडित हुकम सिंह आईटीआई, तीर्थ विकास ट्रस्ट आईटीआई आन्यौर परिक्रमा मार्ग, श्री गिर्राज आईटीआई रैपुरा जाट फरह, आरडी आईटीआई, रतन आईटीआई गोविंद नगर, पं. गोविंद राम आईटीआई राल, अमर आईटीआई, सरस्वती आईटीआई तारसी, दयानंद आईटीआई मंडी चैराहा, सुरेंद्र सिंह आईटीआई बलदेव, दीक्षित आईटीआई रूकमणि विहार कृष्णा नगर मथुरा, मां विमलेश देवी तंबका अनौड़ा, ग्लोबल जीनियस सौंख, रामदुलारी आईटीआई ओल मथुरा, विजय सिंह आईटीआई मगोर्रा, बाबा हरीशचंद सिंह आईटीआई एटीवी हाईवे, केडी आईटीआई ओल, एनआईईएम आईटीआई फतिहा हथावली रोड हाईवे, बीएस आईटीआई अजौड़ा, राया आईटीआई खिरारी राया शामिल हैं।