प्लाट पर कब्जा कराने के आरोपी दरोगा लगाएंगे हाईकोर्ट में गुहार

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मथुरा। शहर में कीमती प्लाट पर कब्जे को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे तत्कालीन कृष्णा नगर चौकी प्रभारी केपी सिंह यादव पर विजिलेंस द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद अब आरोपी दरोगा ने इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है।

कृष्णा नगर चौकी क्षेत्र के महोली रोड स्थित साकेतपुरी निवासी सुरेश शर्मा एवं रामवीर ठाकुर के बीच 100 वर्ग गज के प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि सुरेश शर्मा के पिता और रामवीर के परिजनों ने मिलकर 200 वर्ग गज का प्लाट लिया था। इसमें 100 गज के प्लाट का एग्रीमेंट सुरेश शर्मा के पिता ने रामवीर ठाकुर के नाम कर दिया था। इसी दौरान सुरेश शर्मा के पिता की मौत हो गई। इसके बाद रामवीर पक्ष ने प्लाट पर कब्जा कर लिया। इसका सुरेश शर्मा ने विरोध किया। तो दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इसमें कृष्णा नगर के तत्कालीन चैकी प्रभारी केपी सिंह यादव पर आरोप है कि उन्होंने रामवीर ठाकुर पक्ष को मोटी रकम लेकर कब्जा कर दिया। वर्तमान में प्लाट का विवाद न्यायालय में चल रहा है। उधर सुरेश शर्मा ने अखिलेश सरकार में सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश विजय यादव को पुलिस की कार्यवाही से अवगत कराया तो विजय यादव ने अखिलेश सरकार में चौकी प्रभारी केपी सिंह यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाते हुए जांच शुरू करा दी। बताया जा रहा है कि कई साल की जांच पड़ताल के बाद विजिलेंस द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोतवाली मथुरा में तत्कालीन चौकी प्रभारी केपी सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।

इस संबंध में आरोपी चौकी प्रभारी केपी सिंह यादव ने बताया कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में तीन बार जांच हो चुकी हैं। जिनमें उन्हें निर्दोष पाया गया है। 6 वर्ष से चल रही इस जांच में उनका शोषण किया जा रहा है। उक्त प्लाट पर स्वयं विजय यादव कब्जा करना चाहते थे। शिकायत पर उन्होंने दोनों पक्षों को गिरफतार कर जेल भेज दिया था। इससे चिढ़ कर ही विजय यादव ने उनके खिलाफ सपा सरकार के दो बड़े नेताओं के लैटर पैड पर उनकी शिकायत करा दी थी। वर्तमान में मेरठ में तैनात उपनिरीक्षक केपी सिंह यादव ने बताया कि मेरी पत्नी सरकारी शिक्षिका है। उनके द्वारा लोन पर लिए गए प्लाट को मेरी संपत्ति में जोड़ा गया है। जो कि नियमानुसार गलत है। अब वह मानहानि एवं गलत एफआईआर को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।

इस संबंध में प्रगतिशील सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि प्लाट विवाद से उनका कोई लेना देना नहीं है। वह केवल पीड़ित की मदद कर रहे थे। उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया था।