हाथरस कांड ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मियां, गांवों में दौड़ने लगे नेता

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पार्ट-1

मथुरा। विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 में होने हैं। इनमें भले ही अभी समय है, लेकिन इसके लिए राजनैतिक दलों की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। हाथरस कांड ने राजनैतिक दलों को इन तैयारियों की चाबी पकड़ा दी है। विभिन्न दलों के राजनेता अलग-अलग तरीकों से हाथरस कांड का विरोध जता रहे हैं। ताकि आम जनता की नजरों में अपने संघर्ष को बड़ा बताया जा सके। इस संघर्ष की तस्वीर आगामी विधानसभा में आगे रखकर वोट मांगे जा सकें। मथुरा की विभिन्न विधानसभाओं से चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता भी इस कांड में अपनी नेतागिरी चमकाने में लगे हैं। ताकि पार्टी संगठन की नजरों में खुद को संघर्षशील नेता साबित किया जा सके। आज हम पार्ट-1 में आपको इस समाचार के माध्यम से मांट, बलदेव एवं गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति से अवगत करा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में आगामी विधानसभा चुनाव संभावित हैं। इसमें अभी भले ही लगभग 1.6 वर्ष है लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने अभी से अपने टिकट के लिए प्रयास आरंभ कर दिए हैं। हाथरस कांड ने सुस्त पड़े नेताओं को एक तरह से संजीवनी प्रदान कर दी है। राजनेताओं ने स्वयं को संघर्ष शील दिखाते हुए लोगों की नजरों में आने का प्रयास शुरू कर दिया है। ताकि आम जनता की नजरों में उनकी छवि एक जुझारू नेता के रूप में बने।
सबसे पहले मांट विधानसभा की बात करें तो रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पर पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज के बाद से जनपद में सुस्त पड़ी रालोद में जोश उत्पन्न हो गया है। अभी दो दिन पूर्व ही मांट विधानसभा के कस्बा नौहझील में रालोद कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी-सीएम योगी के पुतलों का दहन किया था लेकिन इससे पूर्व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ही पुतलों पर जमकर जूते-चप्पल भी बरसाए। रालोद से वर्ष 2017 में प्रत्याशी रहे योगेश नौहवार मात्र लगभग 500 वोट से हारे थे। योगेश नौहवार ने जयंत चौधरी पर हुए लाठीचार्ज को आधार बनाकर क्षेत्र में संपर्क करना आरंभ कर दिया है। वहीं भाजपा से पूर्व प्रत्याशी एसके शर्मा, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा एवं ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश चौधरी ने क्षेत्र में तूफानी दौरे करना शुरू कर दिया है। लगातार आम जनता से संपर्क किया जा रहा है। सपा से संजय लाठर मैदान में आ चुके हैं। वह भी बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार अपने समर्थकों के साथ बैठक कर स्वयं को सक्रिय दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र में तूफानी दौरे कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र में कांग्रेस अभी सुस्त दिखाई दे रही है। जबकि वर्तमान विधायक पं. श्यामसुंदर शर्मा बसपा से फिर से मैदान में होंगे। इनकी टिकट भी लगभग फाइनल ही है।
गोवर्धन विधानसभा में सपा के पूर्व प्रत्याशी प्रदीप चैधरी लगातार प्रदर्शन एवं आंदोलन कर सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने हाथरस कांड को लेकर भी लगातार प्रदर्शन किया है। साथ ही वह स्थानीय लोगों की आम समस्याओं का भी आगे बढ़कर समाधान कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं फरह के पं. दीपक गौड़ भी गोवर्धन से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। भाजपा से विधायक ठा. कारिंदा सिंह खुद को फिर से टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। हालांकि वह फिलहाल कोविड-19 से जूझ रहे हैं। वहीं मथुरा से भाजपा विधायक एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के भी इस बार गोवर्धन से ही चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस से स्वयं जिलाध्यक्ष दीपक चैधरी दावेदार हैं। तो एक दो अन्य नेता भी यहां से ताल ठोक रहे हैं। बसपा से पूर्व विधायक राजकुमार रावत भले ही प्रयासरत हैं लेकिन पार्टी में उन्हें पुराने चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बसपा नए दमदार एवं युवाा दावेदारों की भी तलाश में है।
बलदेव विधानसभा से भाजपा के वर्तमान विधायक पूरन प्रकाश तो दावेदार हैं ही। हालांकि इनकी दावेदारी इस बार आसान नजर नहीं आ रही है। साथ ही पूर्व विधायक अजय पोईया भी यहां से ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। हालांकि वह अभी यहां सक्रिय नहीं हुए हैं। पूर्व विधायक श्याम सिंह अहेरिया, निरंजन धनगर एवं डाॅ. हीरा अतेंद्र भी भाजपा से टिकट मिलने की बाट जोह रहे हैं। सपा से फिलहाल यहां की स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आ रही है। जबकि कांग्रेस से पूर्व प्रत्याशी विनेश सनवाल ताल ठोक रहे हैं तो युवा नेता एवं निवर्तमान युवा लोकसभा अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि ने भी हाल ही में बलदेव विधानसभा में काफी मेहनत की है। किसानों के बीच जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जबकि रालोद से प्रताप सिंह अपने लिए टिकट मांग रहे हैं। बसपा से चंद्रपाल उर्फ पप्पू प्रधान क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं।