प्रधानाचार्या को बचाने में जुटे शिक्षा अधिकारी, जांच के आदेश हवा में

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मथुरा। जनपद के शिक्षा अधिकारियों द्वारा दागी शिक्षकों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है। चाहे इसके लिए उन्हें नियमों को दरकिनार करना पड़े या फिर उच्च अधिकारियों के आदेशों को हवा में उड़ाना पड़े। ऐसा ही एक अन्य ताजा मामला सामने आया है। चार वर्ष तक दो कालेजों से वेतन प्राप्त करने वाली प्रधानाचार्या के खिलाफ संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा जांच करने के आदेशों के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही है।

बता दें कि विषबाण द्वारा 25 सितंबर को ‘लाखों का वेतन घोटाला, 4 वर्ष तक दो कालेजों से लेती रही वेतन, होगी जांच‘ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। विषबाण ने खुलासा किया था कि प्रेमदेवी कन्या इंटर कालेज मथुरा में कार्यरत प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा द्वारा धोखाधड़ी कर लगातार चार वर्षों तक दो विद्यालयों से वेतन प्राप्त करती रहीं। साथ ही उन्होंने मथुरा के कालेज में ज्वाइन भी नियुक्ति पत्र और अनुमति पत्र के बिना ही ज्वाइन कर लिया था। इसमें तत्कालीन डीआईओएस केपी सिंह यादव की मुख्य भूमिका रही थी। यहां तक कि मथुरा में अगस्त 2019 में ज्वाइन करते समय उन्होंने अपने पहले मूल विद्यालय से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी प्राप्त नहीं की थी। यह वीआरएस भी उन्होंने दिसंबर 2019 में लिया। जब तक वह अपने मूल विद्यालय से भी वेतन प्राप्त करती रहीं और यहां भी अपने वेतन बिल लगाती रही। इस गोरखधंधे की शिकायत प्रेमदेवी गल्र्स इंटर कालेज के प्रबंध तंत्र ने संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा से की थी।

शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा डाॅ. मुकेश अग्रवाल द्वारा 22 सितंबर 2020 को मथुरा जिला विद्यालय निरीक्षक के लिए आदेश पत्र निकाला था। इसके अनुसार डीआईओएस मथुरा को आरोपी प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा की जांच कर तत्काल कार्रवाई करनी थी। इस पत्र को जारी हुए 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई जांच कमेटी ही नहीं बनाई जा सकी है। इससे शिक्षा अधिकारी की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा ने विषबाण से बातचीत में बताया कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं। मथुरा जनपद के शिक्षा विभाग में एक सिंडीकेट काम कर रहा है जो कि शिक्षकों का उत्पीड़न कर उनसे वसूली करने का काम करता है। इसमें प्रेमदेवी गल्र्स इंटर कालेज का ही एक लिपिक, एक कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्या का पति, एक इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सहित कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र सिंह से विषबाण ने वार्ता करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन आउट आॅफ नेटवर्क बताता रहा।

संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा डाॅ. मुकेश अग्रवाल ने विषबाण को बताया कि प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा के खिलाफ जांच के आदेश मथुरा डीआईओएस को दे दिए गए हैं। यदि उन्होंने अभी तक कोई जांच सेटअप नहीं की है। तो एक अन्य रिमाइंडर जारी किया जाएगा।