मान्यता निरस्तीकरण वाले आईटीआई में प्रवेश पर लगी रोक

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मथुरा। अनियमितताओं के चलते मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई झेल रहे प्रदेश के 110 आईटीआई संस्थानों में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद् उत्तर प्रदेश द्वारा विद्यार्थियों के प्रवेश लेने पर रोक लगा दी गई है। इस आदेश से आईटीआई संचालकों में खलबली मच गई है। मथुरा जनपद में ऐसे 27 आईटीआई संस्थान हैं। जिन पर मान्यता निरस्तीकरण की संस्तुति की गई है।
बता दें कि बलदेव विधानसभा के भाजपा विधायक पूरन प्रकाश ने जनपद के चार ब्लाॅक फरह, बलदेव, राया और मथुरा में संचालित निजी आईटीआई संस्थानों में चल रहे फर्जीवाड़े का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। इसके बाद मंडलीय संयुक्त निदेशक प्रशि./शिक्षु आगरा को इस घोटाले की जांच करने के आदेश दिए गए थे। मंडलीय संयुक्त निदेशक प्रशि./शिक्षु आगरा ने जनपद के आईटीआई संस्थानों की जांच कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आईटीआई संस्थान जमकर धांधलेबाजी कर रहे हैं। इनमें से कई संस्थान सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं तो कई सिर्फ कुछेक कमरों में संचालित हो रहे हैं। साथ ही कई आईटीआई संस्थानों में प्रैक्टिकल के लिए मशीनें ही उपलब्ध नहीं हैं। मंडलीय संयुक्त निदेशक प्रशि./शिक्षु आगरा की जांच रिपोर्ट पर केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के महानिदेशक सुनील कुमार गुप्ता ने प्रदेश के 110 आईटीआई शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए मान्यता निरस्तीकरण की संस्तुति कर दी थी। इनमें मथुरा के भी 27 शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
अब राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद् द्वारा मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई झेल रहे प्रदेश के सभी 110 आईटीआई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। हाल ही में प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों द्वारा आवेदन किया गया था। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान एलाॅट कर दिए गए। लेकिन अब जिन विद्यार्थियों ने मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई वाले आईटीआई संस्थानों में आवेदन किया था। उन छात्रों को नया संस्थान चुनने के लिए मैसेज किए गए हैं। ताकि उनका वर्ष खराब न हो। ऐसे विद्यार्थियों को एक और दो अक्टूबर तक का समय दिया गया था। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद् की इस कार्रवाई से प्रदेश के 110 संस्थानों सहित जनपद के 27 आईटीआई संस्थानों के संचालकों में खलबली मची हुई है।