लाखों का वेतन घोटाला, 4 वर्ष तक दो कालेजों से प्रधानाचार्या ने ली सैलरी, होगी जांच

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चंद्रशेखर गौड़

मथुरा। जनपद के एक नामचीन माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या का एक अलग ही तरह का मामला सामने आया है। प्रधानाचार्या पर लगातार चार वर्ष तक दो विद्यालयों से वेतन लेने के घोटाले का आरोप है। उन पर यह भी आरोप है कि मथुरा में उक्त कालेज में ज्वाइन करने के 4 माह बाद उन्हें पुराने कालेज से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिली। ऐसे में वह मथुरा के अपने नए स्कूल और पुराने स्कूल में एक साथ कैसे काम करती रही। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसकी शिकायत होने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी कई तरह की गड़बड़ियां पूर्व में सामने आती रही हैं। कई तरह के घोटाले सामने आने के बाद भी स्थितियां सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब मथुरा में एक प्रधानाचार्या द्वारा लाखों का वेतन घोटाला करने का मामला सामने आया है। जनपद के श्री अग्रवाल शिक्षण मंडल द्वारा संचालित हो रहे नामचीन विद्यालय प्रेमदेवी गल्र्स इंटर कालेज मथुरा में अगस्त 2019 में हाथरस निवासी दयारानी शर्मा ने प्रधानाचार्य पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वह हरिद्वार के राजकीय कन्या इंटर कालेज ज्वालापुर में एलटी ग्रेड में कार्यरत थीं। दयारानी शर्मा पर कई गंभीर आरोप हैं। जो कि बिंदुवार हैं।
– दयारानी शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अगस्त 2019 में मथुरा में ज्वाइन किया था। जबकि वह 6 जुलाई 1998 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक राजकीय कन्या इंटर कालेज ज्वालापुर हरिद्वार में काम करती रहीं। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 तक वेतन भी लिया है। ऐसे में वह हरिद्वार के अपने पुराने कालेज में कैसे काम कर सकती हैं और वेतन प्राप्त कर सकती हैं।
– आरोप है कि प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा ने कासगंज के स्वतंत्रता सेनानी श्यामबाबू वैदिक कन्या पाठशाला इंटर कालेज गंजडुडवारा में 16 मई 2012 से लेकर 14 अक्टूबर 2016 तक काम किया है और वेतन भी लिया है। सवाल उठता है कि उस दौरान जब वह हरिद्वार के राजकीय कन्या इंटर कालेज में कार्यरत थीं तो वह कासगंज के उक्त विद्यालय में कैसे कार्य कर सकती हैं और वेतन प्राप्त कर सकती हैं।
– आरोप है कि दयारानी शर्मा ने हरिद्वार के अपने पुराने कालेज में अगस्त 2019 माह का पूरा वेतन प्राप्त किया है। साथ ही मथुरा में 21 अगस्त 2019 को ज्वाइन करने के बाद इस माह का वेतन बिल भी डीआईओएस मथुरा में लगाया है।
– प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा ने अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2019 माह का वेतन बिल डीआईओएस आॅफिस मथुरा में भेजे हैं जबकि दिसंबर 2019 तक उन्होंने हरिद्वार के कालेज से भी वेतन प्राप्त किया है।
– प्रेमदेवी गल्र्स इंटर कालेज मथुरा की प्रबंध समिति का आरोप है कि प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा ने अगस्त 2020 का वेतन बिल, वेतन वृद्धि लगाकर मूल क्रमांक के साथ अवैध रूप से सीसीए लगाकर भुगतान हेतु डीआईओएस आॅफिस में अपने ही हस्ताक्षर से भेजा है। जो कि पूरी तरह गलत है।
– प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा पर यह भी आरोप है कि उन्होंने बिना नियुक्ति पत्र और बिना प्रस्ताव के ही तत्कालीन डीआईओएस से अपने हस्ताक्षर प्रमाणित कराए थे। इस पर कोई पत्रांक भी नहीं था।
– तत्कालीन डीआईओएस केपी सिंह पर भी आरोप है कि उन्होंने 22 अगस्त 2019 को प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा को आयोग के नियुक्ति पत्र के बिना ही प्रेमदेवी गल्र्स इंटर कालेज में ज्वाइन करा दिया था। उस समय कालेज के प्रबंध संचालन में विवाद होने की वजह से विद्यालय में एकल संचालन था। एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्होंने अपने शैक्षिक अभिलेख और पिछली सेवाओं के अभिलेख अभी तक जमा नहीं कराए हैं।
इस संबंध में प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा का पक्ष जानने के लिए विषबाण ने कई बार फोन किया लेकिन उनका फोन अटेंड नहीं हो सका।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र सिंह को फोन मिलाया तो उनका फोन स्विच्ड आॅफ बताता रहा। जबकि यह सीयूजी फोन है और शासन के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी जिलास्तरीय अधिकारी अपना सीयूजी फोन स्चिच्ड आॅफ नहीं रखेगा।
संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा डाॅ. मुकेश अग्रवाल ने विषबाण को बताया कि उनके पास प्रधानाचार्या दयारानी शर्मा की शिकायत आई है। इसकी जांच के लिए मथुरा डीआईओएस को आदेशित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी।