ध्रुव घाट पर एक बार फिर मानवता शर्मसार, अंतिम संस्कार के लिए वसूले 12 हजार

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मथुरा। जनपद के शमशान स्थल पर एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार करने के बदले शमशान स्थल पर सफाई कर्मियों द्वारा 20 हजार रूपए की मांग की गई। काफी अनुनय विनय के बाद सफाई कर्मियों ने 12 हजार रूपए लेकर अंतिम संस्कार करने दिया। जबकि अभी दो दिन पहले भी सफाई कर्मियों की इस दबंगई और अवैध वसूली की चर्चा रही थी।
थाना सदर बाजार के रेजीमेंटल बाजार निवासी 70 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस सब इंसेक्टर हुकुम सिंह यादव पुत्र महेंद्र सिंह यादव कोरोना से संक्रमित थे। उनका उपचार केडी हाॅस्पिटल में चल रहा था। रविवार को उनकी मृत्यु हो गई। अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को शाम 6 बजे करीब धु्रव घाट पर लाया गया। यहां मौजूद कर्मचारियों ने अंतिम संस्कार हेतु 20 हजार रुपये की नाजायज मांग की। इस पर परिजनों ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और सुविधा शुल्क दिए बिना अंतिम संस्कार होने से साफ इंकार कर दिया। काफी निवेदन करने के बाद कर्मचारियों ने 12 हजार रुपये देने पर राजी करने के बाद अंतिम संस्कार होने दिया। इस अवैध वसूली की चर्चा क्षेत्र में होती रही।
बता दें कि अभी गत दिवस भी ध्रुव घाट के कर्मचारियों द्वारा एक कोरोना संक्रमित शव के अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रूपए मांगे गए थे। इसमें बाद में 17 हजार रूपए मृतक के परिजनों ने दिए। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जा सका। इसकी शिकायत भी पीड़ित परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से की थी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया था लेकिन एक दिन बाद ही उसी तरह की घटना ने मानवता पर तो सवाल उठाया ही है साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर भी एक प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
वहीं शमशान संचालन समिति के कर्ता धर्ताओं की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों में चर्चा है कि समिति अपने कर्मचारियों के इस कृत्य के बदले पर उन पर कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे इस अवैध कार्य को समिति की मूक सहमति मिली हुई है।

धु्रव घाट शमशान संचालन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस तरह की अवैध वसूली प्रशासन की लापरवाही के चलते हो रहा है। कोरोना संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी प्रशासन एवं नगर निगम की है। वसूली करने वाले सफाई कर्मचारी संचालन समिति के कर्मचारी नहीं हैं। यह सफाई कर्मी जजमानी का काम करने वाले हैं। प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इस तरह की वसूली से धु्रव घाट समिति का कोई लेना देना नहीं हैं।