मजदूर के जन धन खाते में आए 20 लाख, बैंक-मजदूर में खींचतान, खाता फ्रीज

0
570

मथुरा। केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए खुलवाए गए जन धन के खातों में 15-15 लाख रूपए आने का सपना भले ही पूरा न हुआ हो लेकिन कोविड-19 के लाॅकडाउन में एक राजमिस्त्री के खाते में लाखों की रकम जमा होने का मामला सामने आया है। खाते में अचानक लाखों रूपए आने से बैंक और खाताधारक के बीच खींचतान मची हुई है।
2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व विदेशों में छिपे काले धन को देश में लाने का दावा करने वाले नरेंद्र मोदी ने चुनाव के समय कहा था कि यदि काला धन देश में आता है तो इस धन से प्रत्येक भारतीय के खाते में करीब 15-15 लाख रूपया जमा हो सकता है। मोदी सरकार के बनने के बाद केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के जन धन खाते खुलवाए गए। लोगों ने समझा कि काले धन के रूप में आए धन से मिलने वाले 15 लाख रूपए इन्ही खातों में आएंगे। खातों में 15 लाख रूपए आने का सपना तो पूरा नहीं हो सका लेकिन केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 के समय केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के जन धन खाते में 500-500 रूपए की धनराशि सहायतास्वरूप भेजी गई।

राजमिस्त्री भीम सिंह

कस्बा मगोर्रा के गांव सोनोंठ निवासी राजमिस्त्री भीम सिंह पुत्र लज्जाराम के भारतीय स्टेट बैंक मगोर्रा के जनधन खाता संख्या 34486233519 में कोरोना महामारी के दौरान ही जमकर धनवर्षा हुई। जुलाई-अगस्त में अचानक आए लाखों रूपयों को देखकर बैंक अधिकारियों के पैरों के तले जमीन खिसक गई। बैंक अधिकारी उसके घर पहुंचे और उसके बैंक से संबंधित सभी कागजात एटीएम कार्ड सहित लेकर चले गए। तब से लेकर अब तक उसके खाते से प्रतिदिन रकम का लेन देन तो हो रहा है लेकिन इसकी जानकारी उसे नहीं दी जा रही है। भीम सिंह खुद उस खाते से रकम की निकासी नहीं कर पा रहा है। उसके द्वारा खाते से जुड़वाए गए मोबाइल का नंबर भी बैंक अधिकारियों द्वारा बदल दिया गया है।
राजमिस्त्री भीम सिंह के भाई शेर सिंह का कहना है कि उसने फेसबुक पर अपने कैंसर पीड़ित रिश्तेदार की मदद करने की अपील करते हुए 40 लाख रूपयों की मांग की थी। जिससे रिश्तेदार का उपचार हो सके। इसके लिए उसने अपना खाता नंबर भी शेयर किया था। पीड़ित के अनुसार उनके खाते में करीब 25 लाख रूपए जमा हुए हैं। हो सकता है कि लोग उसमें पैसा भेज रहे हों लेकिन उन्हें अभी तक यह पता ही नहीं है कि कौन लोग उसके खाते में पैसा भेज रहे हैं और कौन खाते से पैसा निकाल रहा है। कई बार कहने के बाद भी शाखा प्रबंधक इसकी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पीड़ित मजदूर भीम सिंह ने बैंक में आरटीआई के जरिए भी जवाब मांगा है। साथ ही थाना मगोर्रा में भी शिकायत दर्ज की है। हालांकि अभी तक कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि कुछ समय बाद उनके बैंक से संबंधित कागजात वापस कर दिए गए थे।
बैंक शाखा प्रबंधक पंकज शर्मा ने विषबाण से बातचीत में बताया कि राजमिस्त्री के खाते में तीन से चार माह के दौरान करीब 20 लाख रूपया जमा हुआ है लेकिन इस खाते से किसी भी प्रकार की रूपए की निकासी व्यक्तिगत रूप से नहीं हुई है। सारा रूपया आॅनलाइन ही जमा कराया गया है और आॅनलाइन ही इसकी निकासी की जा रही है। यह सारा रूपया खाते में से निकाला जा चुका है। बैंक के उच्च अधिकारियों की ओर से आई मेल के बाद खाते को फ्रीज कर दिया गया है। इस खाते में तिरूवनंतपुरम् से आॅनलाइन कुछ रूपया जमा कराया गया था। उसकी शिकायत के बाद ही यह कार्यवाही की गई है। खाताधारक भीम सिंह का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज भी वापस कर दिए गए हैं।