मथुराः शिक्षण संस्थानों को लेकर अग्रवाल समाज में छिड़ी जंग पर लगा विराम, दोनों गुट हुए एक

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मथुरा। अग्रवाल समाज के दो गुटों के मध्य शिक्षण संस्थानों पर कब्जे को लेकर पिछले 28 वर्षों से से चल रहा विवाद डीएम एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद थमता नजर आ रहा है, जिससे समाज मे हर्ष की लहर दौड़ गई है।
मथुरा शहर की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं की प्रबन्ध समिति को लेकर पिछले करीब 28 वर्षों से अग्रवाल समाज की दो प्रमुख संस्थाओं अग्रवाल शिक्षा मण्डल एवं श्री अग्रवाल शिक्षा मण्डल के मध्य सड़क से लेकर न्यायालय तक चल आ रहा

अनुज गर्ग
(समाज सेवक)

था, जिसके कारण समाज मे तनाव का माहौल बना हुआ था, बल्कि प्रशासन भी तनाव मे था, इसे लेकर सोमवार को जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञ राम मिश्रा सहित मथुरा प्रशासन के सहयोग से दोनों पक्षों को बैठाकर खत्म करा दिया गया, इसमें अग्रवाल शिक्षा मण्डल की ओर से समाजसेवी अनुज गर्ग तथा श्री अग्रवाल शिक्षा मण्डल की ओर से समाजसेवी प्रमोद गर्ग (कसेरे) रहे। अग्रवाल शिक्षा मण्डल द्वारा स्थापित चम्पा अग्रवाल इण्टर कॉलेज, चम्पा अग्रवाल बाल मन्दिर, बी.एस.ए. कॉलेज, बी.एस.ए इंजीनियरिंग कॉलेज, ब्रज चिकित्सा संस्थान, ब्रज नर्सिंग स्कूल, प्रेम देवी गर्ल्स इण्टर कालेज, ए.एस.एम कॉलेज मथुरा आदि गौरवमयी इतिहास रहा है और इन संस्थानों से लाखों छात्र-छात्राओं ने शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार, वैज्ञानिक आदि सफलताएं पाई हैं। अग्रवाल समाज द्वारा संचालित इन संस्थाओं की सम्पत्ति की कीमत अरबों मे हैं, जिसके कारण प्रबन्धन को लेकर वर्ष 1992 में समाज में दो गुट बन गए जिससे ये लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक पहुंच गई। इस विवाद का कारण सभी संस्थानों को तन-मन-धन से खडे करने वाले अग्रवाल समाज के पूर्वजों के परिवारिजनों को तत्कालीन कुछ सदस्यों पदाधिकारियों द्वारा सदस्यता प्रदान न कर, अपने ही परिवार के सदस्यों को बनाने से शुरू हुआ था, जो उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। जिसमें कुछ दिन पूर्व ही अग्रवाल शिक्षा मण्डल द्वारा स्थापित प्रथम शिक्षण संस्थान चम्पा अग्रवाल इण्टर कालेज पर इस विवाद के चलते कन्ट्रोलर नियुक्त हो गया था और बाकी संस्थाओं पर कन्ट्रोलर नियुक्त होने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी थी। इस विवाद में दोनों ही पक्ष से अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित एवं समाज के गणमान्य कहे जाने वाले परिवार जुड़े थे, बल्कि राजनीति का भी अखाड़ा बने हुए थे जिससे अग्रवाल समाज की छवि भी धूमिल हो रही थी बल्कि शिक्षण संस्थानों की छवि के साथ-साथ हजारों छात्र- छात्राओं के भविष्य भी खतरे में नजर आने लगा था, हालत ये हो गए थे कि बीएसए कॉलेज मे दो- दो प्राचार्यों की नियुक्ति भी कर दी गई जिसमें पुलिस-प्रशासन को भी कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। इसे लेकर अग्रवाल शिक्षा मण्डल के वरिष्ठ सदस्य समाज सेवी अनुज गर्ग, श्री अग्रवाल शिक्षा मण्डल के वरिष्ठ सदस्य और समाज सेवी प्रमोद गर्ग ने अपने-अपने मण्डल के सदस्यों से बातचीत कर इस स्थिति पर चिन्ता प्रकट की और सर्वसम्मति से मथुरा प्रशासन के सहयोग से इस बहुचर्चित विवाद के समाधान की दिशा में कार्य करने का बीड़ा उठाया। मथुरा जिले में पूर्व में ही चल रहे शिक्षा कायाकल्प योजना के चलते जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञ राम मिश्रा, उपजिलाधिकारी (सदर) मथुरा क्रान्ति शेखर सिंह, आदि ने दोनों पक्षों को नजदीक करते हुए समझा बुझाकर दोनों पक्षों की आपसी सहमति कराकर एक-दूसरे को गले मिलवा दिया। इस सम्बंध मे समाज सेवी अनुज गर्ग ने “विषबाण“ से बातचीत में कहा कि दोनों पक्षों की सहमति से अग्रवाल शिक्षा मण्डल तथा श्री अग्रवाल शिक्षा मण्डल का विलय होगा और अग्रवाल शिक्षा मण्डल के 16 सदस्यों की सहभागिता इन संस्थानों को संचालित करने वाली श्री अग्रवाल शिक्षा मण्डल में हो जायेगी। इस तरह से जो नयी समिति बनेगी वह नयी ऊर्जा एवं नये उत्साह के साथ अपनी देख रेख में इन सभी संस्थानों का संचालन करेगी। संस्था के नाम के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ विद्वान अधिवक्ता महीपाल शोरा वाले को दोनों संस्थाओं के समस्त कागजातों को देखकर विधि स्वरूप जो समाज हित एवं संस्था हित में हो नाम देने के लिये अधिकृत किया गया है जिस पर सहमति बन गयी है। इस विवाद के थमने के बाद अग्रवाल समाज में हर्ष की लहर दौड़ गयी है। सभी एक दूसरे को बधाई देते नज़र आ रहे है वहीं इन संस्थानों से जुड़े छात्र-छात्राओं, अध्यापक, अध्यापक एव स्टाफ के चेहरे भी खिल उठे हैं।