रालोद के हंगामे के बाद नॉहझील बैंक का चुनाव निरस्त |

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मथुरा, उत्तर प्रदेश ग्राम विकास बैंक नॉहझील के शाखा प्रतिनिधि के चुनाव के नामांकन के बाद सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर पर्चा निरस्त किये जाने की सूचना पर रालोद समर्थकों के हंगामे के बाद चुनाव को निरस्त कर दिया गया, चुनाव 1 सितम्बर को होना था।

जिसकी लाठी उसकी भैस की कहावत उत्तर प्रदेश ग्राम विकास बैंक के शाखा प्रतिनिधि के चुनाव मे सटीक साबित हो रही है,बुद्धवार को हुए नामांकन मे मथुरा के गोवर्धन शाखा प्रतिनिधि के लिए निर्वाचन अधिकारी की मनमानी के चलते कोई नामांकन नही हो सका,जब कि नॉहझील शाखा के लिए बूद्धवार को नामाँकन करने वाले रालोद समर्थक चौधरी भगवती प्रसाद सिंह के पर्चे को सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर निरस्त करने की सूचना पर सैकड़ों समर्थकों ने नॉहझील शाखा को घेर कर जमकर हंगामा किया, गड़बड़ी की शिकायत पर रालोद के वरिष्ठ नेता कुँवर नरेंद्र सिंह,रामवीर भरनगर, चेतन मलिक ,रविन्द्र नरवार,राजेन्द्र सिंह सिकरवार, आदि नेताओं ने जिलाधिकारी मथुरा सहित अन्य वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात कर रोष जताया,और बैंक शाखा पहुंच गए, हंगामें को बढ़ते देख सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रविन्द्र कुमार ने चुनाव निरस्त की घोषणा कर दी है,इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए रालोद नेता कुँवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन सत्ता के दवाब मे कार्य रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बरदास्त नही किया जाएगा,
शाखा प्रतिनधि का चुनाव लड़ रहे चौधरी भगवती सिंह ने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता उनके साथ है और वह हर मुकाबले का सामना करने को तैयार हैं।
रालोद नेता चौधरी योगेंद्र सिंह ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी के मंसूबों को कभी सफल नही होने दिया जाएगा। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित चौधरी का कहना है कि लोकतंत्र की हत्या किसी भी कीमत पर नही होने दी जाएगी।इस सम्बन्ध में एआर कोपरेटिव रविन्द्र कुमार ने “विष बाण” से बातचीत मे नॉहझील शाखा प्रतिनधि के चुनाव निरस्त की पुष्टि की,जब चुनाव निरस्त का कारण पूछा गया तो उन्होंने निर्वाचन अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों से सम्पर्क करने के लिए कहा,लेकिन उनके मोबाइल नम्बर मांगे जाने पर बाद मे बात करने के लिए कहते हुए फोन काट दिया।अब देखना होगा कि सत्ता की लाठी के सहारे भाजपा नेता बैंक चुनाव जीतने मे कितने सफल हो पाते हैं।