गोलमाल: कागजों में बना लोहिया आवास शौचालय, जांच के बाद भी जारी कर दी पेंशन

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मथुरा। जनपद में विभिन्न गांवों में लोहिया आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं शौचालयों के निर्माण में खुलकर धांधलेबाजी एवं घोटाले हुए। इनकी शिकायतें भी की गईं। यहां तक कि घोटाला करने वालों के खिलाफ रिकवरी के आदेश भी जारी हुए। इसके बाद भी आरोपियों को अन्य सरकारी योजनाओं का आज भी लाभ दिया जा रहा है। जबकि आरोपी अपने गांव में निवास ही नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि ऐसे आरोपियों को बचाने में ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों की भी मिलीभगत है। ऐसा ही एक मामला नौहझील विकास खंड के गांव लमतौरी में सामने आया है। यहां एक महिला ने लोहिया आवास की धनराशि मिलने के बाद भी आवास निर्माण नहीं कराया। शिकायत पर रिकवरी के आदेश हुए। इसके बाद भी ग्राम प्रधान की मिलीभगत के चलते शौचालय भी स्वीकृत हो गया। जबकि यह महिला गांव में ही नहीं रहती है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई है।

विकास खंड नौहझील के गांव लमतौरी में गीता पत्नी हरवीर के नाम पर वर्ष 2016-17 में लोहिया आवास स्वीकृत हुआ था। इसके तहत महिला गीता को प्रथम किस्त के तौर पर 137500 रुपए मिले। धनराशि तो मिली लेकिन महिला ने आवास निर्माण आरंभ नहीं कराया। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई। शिकायतकर्ता योगेश गौतम बाॅबी ने बताया कि वर्ष 2016 में गांव के देवेंद्र गौतम ग्राम प्रधान बने थे। उस वक्त ग्राम सभा की बैठक में लोहिया आवास के लिए प्रस्ताव रखा गया। इसमें दो आवास स्वीकृत हुए। इनमें से एक आवास का तो निर्माण हो गया लेकिन गीता पत्नी हरवीर का आवास मौके पर नहीं है। जबकि उन्हें प्रथम किस्त के रुप में 137500 रुपए भी जारी किए गए थे। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई तो मामले में खंड विकास अधिकारी ने जांच की। जांच में पता लगा कि आरोपी गीता पत्नी हरवीर गांव में नहीं रहती है। पड़ोसियों ने बताया कि महिला गीता अपनी पु़त्री के साथ फरीदाबाद में रहती है। जांच में शिकायत को सही पाया गया। वर्ष 2017 में खंड विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपते हुए महिला को जारी हुई प्रथम किस्त की रिकवरी भू राजस्व की भांति कराने हेतु लिखा। रिकवरी के आदेश भी हुए लेकिन रिकवरी नहीं हो सकी। गांव में न रहने और लोहिया आवास की रिकवरी के आदेश के बाद भी ग्राम प्रधान देवेंद्र गौतम की मिलीभगत के चलते महिला को विधवा की पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया और विधवा पेंशन आरंभ करा दी गई। वर्ष 2018 में शौचालय का पैसा भी जारी हो गया लेकिन अभी तक शौचालय का भी निर्माण नहीं हो सका है। शिकायतकर्ता योगेश गौतम बाॅबी ने बताया कि इस घोटाले की जांच कराने एवं आरोपियों के खिलाफे कड़ी कार्यवाही करने के लिए जिलाधिकारी से शिकायत की गई है।