प्रियाकान्तजू मंदिर पर 5600 दीपक जलाकर की आनंदघन की आगवानी, भक्तों ने गाये मंगलगीत

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वृन्दावन । प्रियाकान्तजू मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में देश-विदेश के हजारों भक्तों ने देर रात तक ऑनलाइन अलख जगाये रखी । मंदिर में आम भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी थी, आयोजन एवं अभिषेक दर्शन के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की गयी थी । रात्रि 1 बजे तक चले कार्यक्रम को मंदिर के यूट्यूब प्लेटफार्म पर 30 हजार से ज्यादा भक्तों ने लाईव देखा ।

प्रियाकान्तजू मंदिर पर रात्रि 9.30 पर प्रारम्भ हुये श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में मधुर भजनों का आनंद रात्रि 12 बजे तक चरम पर पहुॅंच गया । मुख्य पुजारियों ने जैसे ही शंख ध्वनि कर लाला के प्राकट्य का उद्घोष किया घंटे, घड़ियाल के साथ भक्तों के जयकारों से मानों भय, दुख और चिंताओं के दैत्य भाग खड़े हुये । ‘नंद के आनंद भये जय कन्हैया लाल की’ गाते प्रत्येक भक्त के मुख पर आनंदघन के आगमन का उल्लास उतर आया ।

मंगल श्लोकों के मध्य भागवत वक्ता देवकीनंदन महाराज एवं सेवायत पुजारियों ने ठाकुरजी के विग्रह का पंचामृत से अभिषेक किया । प्रियाकान्तजू को सुन्दर श्वेत पौशाक धारण कराकर स्वर्ण मुकुट पहनाया गया । इनके साथ 101 लड्डू गोपाल का अभिषेक कर भगवान को 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया गया । कन्हैया के आगमन पर जलाये गये मिट्टी के 5600 दीपकों से मंदिर परिसर जगमग हो उठा । कन्हैया के जन्म के पश्चात देवकीनंदन महाराज ने बधाई गीत गाकर सभी कृष्ण भक्तों को बधाई दी ।

विश्व शांति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तों को विशेष एप के माध्यम से सीधे जोड़ा गया । वहीं मंदिर के यूट्यूब प्लेटफार्म पर 30 हजार से ज्यादा भक्तों ने लाईव जुड़कर जन्माष्टमी महोत्सव में भाग लिया । 15 घंटे में कार्यक्रम को लगभग 3.5 लाख भक्त देख चुके थे । उन्होने कहा कि कोरोना से बचाव के चलते भक्तों को वृन्दावन आने के लिये मना किया गया था । भगवान के उत्सव को भक्तों तक पहुॅंचाने में तकनीकि ने सेतु का काम किया ।

इस अवसर पर बाल देवांश, विष्णु शर्मा, सतीश अग्रवाल, सुधीर वर्मा, कुमदनी, गजेन्द्र सिंह, सुबीर, सिद्वार्थ, सुमित शर्मा, विष्णुदत्त, जगदीश वर्मा, धमेन्द्र यदुवंशी आदि शामिल रहे ।