सपा नेता की हत्या या आत्महत्या! परिजनों ने की सीबाआई जांच की मांग

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मथुरा। बाजना नगर पंचायत के सभासद एवं सपा नेता दिनेश गुप्ता की मौत की गुत्थी हत्या ओर आत्महत्या के बीच उलझती नजर आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं पुलिस कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह् लगाते हुए मृतक के परिजनों ने योगी सरकार से घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।

कस्बा बाजना निवासी सभासद एवं सपा नेता दिनेश चन्द गुप्ता उर्फ विधायक का शव 10 जून 2020 को निर्माणाधीन गैस्ट हाउस के दरवाजे पर अगौछा से लटका मिला था जिसके शरीर पर चोटों के निशान भी थे। परिजनों ने हतया का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। दो सदस्यीय चिकित्सकों के पैनल द्वारा वीडियो रिकाॅर्डिंग के साथ शव का पोस्ट मार्टम किया गया था। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग फांसी के कारण मौत होना बताया गया जिसे पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या के रूप में मान रही है। लेकिन घटना स्थल का दृश्य एवं परिजन किसी भी कीमत पर आत्महत्या स्वीकार करने को तैयार नहीं। मृतक दिनेश गुप्ता के भाई राज कुमार गुप्ता ने पोस्ट मार्टम रिपोर्ट पर प्रश्न चिन्ह् लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पंचनामा में शरीर के कई स्थानों पर चोटों के निशान का उल्लेख किया है। जबकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशानों का कोई उल्लेख नहीं किया है।

राजकुमार

इसी तरह मृतक सपा नेता की छोटी पुत्री भाषा वाष्र्णेय का कहना है कि उसके पिता आत्म हत्या नहीं कर सकते हैं, हत्यारों को बचाने के लिये पुलिस प्रशासन आत्महत्या का रूप देने में लगी है। परिवार के असन्तोष को देखते हुए थाना प्रभारी नौहझील विनोद कुमार यादव मृतक के भाई राज कुमार गुप्ता एवं अन्य परिवार सदस्यों को लेकर शनिवार को पोस्ट मार्टम करने वाले चिकित्सकों के पास लेकर आयी। जिसमें एक चिकित्सक का मोबाइल बन्द था। जबकि दूसरे चिकित्सक से बातचीत के दौरान थाना प्रभारी द्वारा परिजनों को बाहर कर दिया गया। जिससे परिजनों में और ज्यादा असन्तोष व्याप्त हो गया है। इस सम्बन्ध में मृतक के पिता जगदीश प्रसाद गुप्ता का कहना है कि उसके बेटे द्वारा नगर पंचायत में व्याप्त घोटालों की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक की गई थी। जिसमे डीएम के आदेश पर तत्कालीन अपर जिलाधिकारी रविन्द्र पालीवाल द्वारा जांच कर ईओ बाजना को दोषी मानते हुए शासन से कार्यवाही की सन्तुति की गई थी। इसके अलावा नगर पंचायत द्वारा आरओ प्लान्ट, सड़क खरंजा निर्माण घोटाले की शिकायतें भी कर रखीं थीं। जिनकी जांच चल रही थी।

जगदीश प्रसाद

मृतक के पिता की मानें तो नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतों को वापिस लेने के लिये आरोपियों द्वारा धमकियां एवं समझौते के दबाब बनाया जा रहा था। जिसमें हत्या से एक दिन पूर्व रात्रि 9 बजे नगर पंचायत का एक सभासद एवं एक ठेकेदार घर पर मृतक के बेटे के पास आये और शिकायतों को वापिस लेने का दबाब बनाया। लेकिन बेटे द्वारा इंकार करने पर बुद्धवार को क्रूरतम तरीके से हत्या कर दी गई। उन्होंने हत्या का आरोप ठेकेदार एवं सभासद पर लगाते हुए पुलिस-प्रशासन पर हत्यारों से सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए मुख्यतंत्री से सीबाआई जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

दूसरी तरफ शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष लोकमणि कान्त जादौन के नेतृत्व में एसएसपी से मिले प्रतिनिधि मण्डल ने दिनेश गुप्ता के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की जिस पर एसएसपी ने पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के साथ घटना के अन्य पहुलुओं की जांच करा कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

सपा नेता एवं सभासद की हत्या एवं आत्महत्या की गुत्थी को सुल्णने में पुलिस कितनी सफल होती है ये तो वक्त तय करेगा। लेकिन दिनेश गुप्ता की आत्महतया की कहानी घटना स्थल एवं शव की स्थिति को देखते हुए किसी के गले नहीं उतर रही है। हालांकि कस्बे में हतया के साथ-साथ आत्महत्या के कारण की तमाम तरह की चर्चायें हैं। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार एवं दबंगों के खिलाफ आये दिन की शिाकयतों के कारण नगर पंचायत के तत्कालीन ठेकेदार जो सपा सराकर में भी अपना दब-दबा कायम रखता था ने सत्ता बदलते ही भाजपा का दामन थाम लिया बल्कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को दर किनार कर वरिष्ट भाजपा नेता की कृपा से महत्वपूर्ण पद भी हांसिल कर लिया है। बताते हैं कि जिस आरओ प्लान में लाखों का घोटाला ठेकेदार ने किया उसका शुभारम्भ भी भाजपा नेता से कराकर विरोधियों को अपनी ताकत का अहसास करा दिया था।

जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा प्रत्याशी को पराजित करने वाले निर्वाचित चेयरमैन देवीराम ने समर्थकों के साथ सांसद हेमामालिनी के नामंकन में शामिल हुए उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सभी को चौंका दिया था। नगर पंचायत चेयरमैन देवीराम ने ‘‘विषबाण’’ से कहा कि विकास कार्यों में कोई घोटाला नहीं हुआ है। जिस आरओ प्लान्ट में घाटाले का आरोप लगाया गया है वह निर्धारित दर की अपेक्षा 28.5 प्रतिशत की कम दर पर उठाया गया है। पुराने हैडपम्प में बोरिंग कराने के सवाल पर कहा कि उसके लिये 80 हजार की रसीद करवाई गई थी। उन्होंने किसी भी भुगतान पर रोक की चर्चाओं को निराधार बताया। इस सम्बन्ध में ‘‘विषबाण’’ द्वरा ईओ बाजना से फोन पर कई बार सम्पर्क किया लेकिन काॅल रिसीव नहीं की गई।

नगर पंचायत में घोटाले और मृतक दिनेश गुप्ता की मौत से गहरा रिश्ता है या नहीं ये जांच-विवेचना में कितना सच-झूठ साबित होगा ये देखने वाली बात होगी। लेकिन मृतक दिनेश गुप्ता के फर्जी हस्थाक्षर कर प्रस्ताव पास कराने के नगर पंचायत के खेल की पुष्टि तत्कालीन डीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट दाल में कुछ काला है की ओर इशारा कर रही है। जिसके कारण परिवार के लोग आत्महत्या ना मानकर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। जिसकी सीबाआई जांच की मांग करते हुए इसके लिये हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की गुहार लगाने की बात कर रहे हैं। जिससे पुलिस-प्रशासन के लिये मुशीबतें बढ़ सकती है।

मथुरा में दिन-दहाड़े सपा नेता की क्रूरता पूर्वक हत्या, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर

इधर कोर्ट में गूंजती रही और उधर जिन्दगी भर के लिये खामोश हो गई दिनेश गुप्ता की आवाज

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे सभासद एवं सपा नेता अपनी कार्यशैली के लिये पूरे क्षेत्र में चर्चित थे। जिन्हें पूरे क्षेत्र में विधायक के नाम से जाना जाता था। बताते हैं कि जब नगर पंचायत में व्याप्त घोटालों की शिकायत को वापिस लेने से इंकार कर दिया तो उसके खिलाफ एवं दलित को आगे कर हरिजन एक्ट का मामला दर्ज करा दिया गया था। जिसकी तारीख 10 जून को एडीजे द्वितीय मथुरा के यहां थ्ज्ञी। जिसमें सुबह करीब साढ़े 6 बजे दिनेश गुप्ता ने अपने अधिवक्ता की फोन कर आने के बार ेमें पूछा तो कोरोना के चलते अधिवक्ता ने ना आने की सलाह देते हुए अगली तारीख ले ली। इसके बाद दिनेश गुप्ता मैरिज होम पर चले गये। उधर न्यायालय में तारीख पर दिनेश गुप्ता की आवाज दर आवाज लग रही थी दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलन्द करने वाले दिनेश गुप्ता की आवाज जिन्दगी भर के लिये खामोश हो चुकी थी।