अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर करोड़ों की वसूली करने वाला पत्रकार गिरफ्तार

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लखनऊ। गाजियाबाद मुख्यमंत्री से अपने नजदीकी सम्बन्ध बताकर अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर करोड़ों की वसूली करने वाले दूर दर्शन के पत्रकार को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जिससे मीडिया जगत में एक बार फिर हड़कम्प मचा हुआ है।

उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ भ्रष्टाचार अपराध मुक्त सरकार के दावे करते रहे हैं वहीं दूसरी तरफ योगी जी से नजदीकी सम्बन्ध बताकर अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर बातचीत का आॅडियो वायरल होने से हड़कम्प के बाद यूपी सरकार में हड़कम्प मच गया जिसके वायरल आॅडियो के आधार पर सरकार ने एसटीएफ को जांच जांच के आदेश दिये। जिसमें एसटीएफ पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने प्रभारी एसएसपी विक्रम सिंह के नेतृत्व में घटना के खुलासे की जिम्मेदारी दी। जिसमें वायरल आॅडियो के आधार पर एसटीएफ टीम ने ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर वसूली-दलाली करने वाले पीयूष अग्रवाल पुत्र स्व. राज कुमार अग्रवाल निवासी आई 703 के डब्लू श्रृष्टि अपार्टमेन्ट राज नगर एक्स टैन्सन गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में पीयूष अग्रवाल ने अपने को डीडी न्यूज का पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए खुलासा किया कि उसके अपार्टमेन्ट में रहने वाले गौरीकान्त दीक्षित ने उससे एक आईएएस अधिकारी को कानपुर नगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर तैनाती के बदले सवा करोड़ की बातचीत हुई जिसमें 15 लाख की राशि एडवांस के बतौर दी गई थी। जिसमें से 2-2 लाख की राशि मध्यस्था कराने वाले गौरी कान्त दीक्षित एवं कमलेश के खाते में जमा करा दी गई। जब 11 लाख की राशि लेकर दिल्ली चला गया। इसके बाद तबादले के लिये कई बार लखनऊ के चक्कर लगाये लेकिन लाॅकडाउन के चलते आईएएस का तबादला कराने में सफल न होने पर गौरी कान्त द्वारा दी गई रकम वापसी की मांग की गई। जिसे लेकर कहा सुनी होने पर बातचीत का आॅडियो वायरल किया गया। गिरफ्तार पीयूष के कब्जे से डीडी न्यूज का पत्रकार का कार्ड बरामद कर उसके विरूद्ध थाना विभूति खण्ड गौमती नगर लखनऊ में मु.अ. संख्या 1242/2020 धारा 420, 467, 468, 471, 201, 120 बी एवं 66 आईटीएक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।