बैंक लूट में महिला सहित 5 गिरफ्तार, 17 लाख की रकम बरामद, 2 फरार

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मथुरा। एक सप्ताह पूर्व लेखपाल पुत्र को अपह्रत लेखपाल पुत्र को बरामद करने वाली मथुरा पुलिस ने दिन-दहाड़े हुई 21.17 लाख की बैंक लूट की घटना का खुलासा कर महिला सहित 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई 17 लाख से अधिक की राशि सहित लूट मे प्रयुक्त बाइक और तमंचे को बरामद करने में सफलता हांसिल की जबकि दो बदमाश फरार हैं। जिन्हें पुलिस गिरफ्तार करने में जुटी है।

12 मई मंगलवार को दिनदहाड़े थाना सदर बाजार क्षेत्र अंतर्गत आचार्य नगर के सामने दामोदर पुरा में संचालित ग्रामीण आर्यावर्त बैंक में अपराह्न 2.35 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए चार हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया । बदमाशों ने हथियारों की नोंक पर सहायक प्रबंधक नीलम गर्ग, लेखाकार सृष्टि सक्सेना एवं नरेन्द्र सिंह को बंधक बना लिया और स्ट्रोंग रूम में रखे 21 लाख 17 हजार रुपए से अधिक की नकदी लेकर उड़नछू हो गए । उक्त घटना की जानकारी होने पर पूरा पुलिस प्रशासन सकते में आ गया । बैंक लूट की घटना को लेकर एडीजी अजय आनंद व आईजी आगरा परिक्षेत्र सतीश गणेश ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्वयं मॉनिटरिंग की, जिसके चलते उक्त घटना का 40 घंटे में पुलिस खुलासा करने में सफल हुई । बताया गया कि बुधवार की रात्रि गोकुल बैराज मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पीछे पुलिस टीमों ने बदमाशों की घेरेबन्दी कर ली । जिसमें गांव सतोहा निवासी राहुल, नगला निवासी गौतम गुर्जर और अमन गुर्जर व ऋषि नगर निवासी अवनीत चैधरी को गिरफ्तार किया गया है । साथ ही इनकी मददगार लूट की रकम का हिसाब रखने वाली अमर कॉलोनी निवासी महिला राजे को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । बताया गया कि लूटी गई रकम में से 17 लाख रुपए से अधिक की राशि, मोटरसाइकिल व तमंचा बरामद किया गया है ।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि इस मामले के दो मुख्य अभियुक्त परविंदर और सम्राट गुर्जर अभी फरार हैं, उक्त लोगों ने 15 दिन बैंक की रेकी करके उक्त घटना को अंजाम दिया था । इससे पूर्व कस्बा राया में लेखपाल राजेन्द्र गोला के तीन वर्षीय पुत्र का भी बदमाशों ने दिन-दहाड़े अपहरण कर बीस लाख रुपये की फिरौती वसूलने का प्रयास किया था। जिसमें पुलिस की नाके-बंदी के चलते बदमाश बच्चे को अगले दिन सड़क पर छोड़कर भाग गये थे। बाद में पुलिस ने अपहरण में लिप्त एक महिला सहित तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों घटनाओं के खुलासे से जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बनता दिखाई दे रहा है।