करोड़ों की शराब को डकार गया पत्रकार, खाकी और तस्करों का गठजोड़ ?

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मथुरा। कोटवन पुलिस चौकी से चोरी हुई शराब का मामला अभी ठण्डा भी नहीं हुआ था कि अब मांट थाने में भी करोड़ों की शराब की हेरा-फेरी का खेल सामने आ रहा है जिसमें पुलिस के साथ-साथ कुछ खास पत्रकारों की सांठ-गांठ से इस घोटाले को अंजाम देने की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर जांच शुरू हो गई है। जिसमें पुलिस और कथित पत्रकारों के गठजोड़ में हड़कम्प मचा हुआ है।

कोरोना लाॅकडाउन के बाद भी बड़े पैमाने पर हो रही अवैध शराब की बिक्री का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं दूसरी तरफ शराब तस्करों एवं पुलिस गठजोड़ के साथ इस खेल में कथित पत्रकारों के नाम भी अब खुलकर सामने आने लगे हैं। हरियाणा-यूपी बाॅर्डर स्थित कोटवन पुलिस चौकी से करोड़ों की शराब बेचे जाने में लिप्त 2 पुलिस कर्मियों एवं शराब तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि चौकी प्रभारी, हैड मौहर्रिर को निलम्बित कर दिया गया। इस मामले के तूल पकड़ते ही मांट थाने में इसी तरह के घोटाले की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने लगीं। जिसमें एसएसपी डा0 गौरव ग्रोवर द्वारा इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक देहात श्रीशचन्द को दे दी गई जिन्होंने थाना मांट जाकर पड़ताल भी की। लेकिन जब तक वह अपनी जांच पूरी करते तब तक उनसे जांच हटाकर सीओ मांट को सौंप दी गई।
जानकार सूत्र बताते हैं कि अवैध शराब सबसे ज्यादा कोटवन बाॅर्डर के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे मांट टोल प्लाजा पर ही पकड़ी जाती है। जिसमें सबसे बड़ा खेल भी इन दोनों स्थानों पर होता है। बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में यमुना एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर भी करोड़ों की शराब पकड़ी गई, जिसमें पकड़ी गई मात्रा में पहले तो बड़ा खेल किया गया, उसके बाद बरामद शराब को नष्ट करने के नाम पर करोड़ों की शराब का खेल खेला गया। सूत्र बताते हैं कि थाने के वरिष्ठ पुलिस स्टाफ द्वारा अपनी निजी गाड़ियों से बड़े पैमाने पर शराब की सप्लाई की गई बल्कि शराब तस्करों द्वारा भी इस खेल को अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि करोड़ों के इस खेल में पुलिस ने कुछ खास पत्रकारों को भी शामिल कर लिया और उन्हें भी बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां उपलब्ध कराई गईं। घटनाक्रम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कुछ खास पत्रकारों ने अपने सीनियरों के नाम पर जमकर शराब की पेटियां पुलिस से लीं।

कोरोना लाॅकडाउन से पहले तक यह खेल पर्दे के पीछे से चलता रहा लेकिन जब शराब ठेके बन्द हो गये तो शराब के शौकीनों ने शराब की तलाश करना शुरू किया। उन्होंने पुलिस से नजदीकी रखने वाले कथित पत्रकारों से सम्पर्क किया तो मंहगी कीमत पर शराब उपलब्ध कराने का सिलसिला चलता रहा लेकिन जैसे ही कोटवन पुलिस चौकी का मामला सामने आया वैसे ही पुलिस, शराब तस्करों एवं कथित पत्रकारों के गठजोड़ में हड़कम्प मच गया। शराब घोटाले की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक देहात को दे दी गई जिसमें वह जांच करने मांट थाने गये भी थे। इस सम्बंध मंे एसपी देहात से जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि अब मांट थाने के शराब प्रकरण की जांच सीओ मांट कर रहे हैं। इस सम्बंध में ‘‘विषबाण’’ मीडिया द्वारा अनेक बार सीओ मांट के सीयूजी नम्बर पर सम्पर्क स्थापित किया गया लेकिन काॅल रिसीव नहीं की गई। व्हाट्सएप पर भी सन्देश भेजा गया लेकिन कोई जबाव नहीं दिया गया।

मांट थाने के शराब घोटाले की चर्चाएं होते ही राजनैतिक गलियारों में भी हड़कम्प मचा हुआ है। बताते हैं कि कोटवन पुलिस चौकी से लेकर मांट थाने तक उ.प्र. सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के तार भी जुड़े हुए हैं बल्कि कुछ पुलिस अधिकारियों के तार भी इन दोनों घोटालों से जुडे हैं। घटना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले की शिकायत एडीजी, आईजी आगरा सहित मुख्यमंत्री मुख्यालय तक भी की गई है। जिससे मथुरा पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली डा0 निर्विकल्प अपहरण काण्ड के बाद फिर कटघरे में हैं।

‘‘मीडिया गैंग’’ के लिये वरदान साबित हो रहा लाॅकडाउन

लाॅकडाउन के चलते शराब ठेके भले ही बंद हों लेकिन शराब की तस्करी पुलिस संरक्षण में धड़ल्ले से हो रही है। जिसकी शिकायतें मुख्यमंत्री, डीजीपी कार्यालय तक हो रही हैं।
बताया जाता है कि कस्बा बाजना क्षेत्र में पुलिस संरक्षण में शराब बिक्री की शिकायत एसएसपी मथुरा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक की गई है जिसमें पूर्व चेयरमेन, पत्रकार, सभासद सहित अन्य के नामों का खुलासा किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस शिकायत में नामजद पत्रकार को पुलिस ने मजामत कर कई घण्टे तक हवालात की हवा खिलाई थी। लेकिन सोमवार को वायरल हुए एक वीडियो में पत्रकार का भाई आवास से शराब की बिक्री करता नजर आ रहा है। इसी तरह सुरीर थाना क्षेत्र में भी पुलिस एवं कथित पत्रकारों के गठजोड़ से ऊंची कीमत पर शराब की बिक्री किये जाने की चर्चाएं हैं। राया क्षेत्र में थाना पुलिस द्वारा बरामदगी से बचाई गई 17 पेटी शराब की बिक्री भी कथित पत्रकारों द्वारा किये जाने की चर्चाएं जोर पकड़ रहीं हैं। सूत्रांे की मानें तो हाइवे थाना पुलिस द्वारा शराब सहित पकड़े गये तस्कर को एक कथित पत्रकार द्वारा छुड़वाये जाने की चर्चाएं भी पत्रकारों में जोर-शोर से चल रही है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों गुटखा-तम्बाकू की सप्लाई करने वाले एक सेल्समेन का कथित पत्रकारों ने स्टिंग कर लिया जिससे दो लाख की मांग की गई, जिसमें कथित पत्रकार 85 हजार की राशि वसूलने में सफल रहे। रविवार को कस्बा शेरगढ़ में व्यापारियों की दुकानों पर जमा भीड़ का फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले कथित पत्रकार एवं व्यापारियों का मामला थाने तक पहुंच गया जहां मामला तो शांत हो गया। लेकिन व्यापार मण्डल के जिला महामंत्री मुकेश कुमार वाष्र्णेय ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन सतीश चन्द त्रिपाठी से शिकायत कर कथित पत्रकारों द्वारा व्यापारियों से अवैध वसूली की शिकायत किये जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। ऐसे ही तमाम मामले मीडिया गैंग के सामने आ रहे हैं जिससे पुलिस का संरक्षण प्राप्त होने के कारण व्यापारी एवं आम जनता त्रस्त नजर आ रहे हैं।