ईंट-भट्टा संचालकों के अधिवेशन में हुआ जमकर हंगामा, मचा हड़कम्प

0
867

मथुरा। अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ समिति के कार्यक्रम में दो गुटों की आपसी खींचतान एवं घमासान के मध्य जमकर आरोप-प्रत्यारोपों की बौछार हुई। बल्कि एक गुट ने कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिये मौके पर पुलिस को भेजकर हंगामा करा दिया। जिसमें डीएम के हस्थक्षेप के बाद आपा-धापी के बीच कार्यक्रम सम्पन्न हो सका।

जनपद में बे-मौसम बारिश, ओलों से तबाह हुई ईंटों एवं अन्य समस्याओं को लेकर वृन्दावन के रूकमणी बिहार में अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ समिति एवं उ.प्र. ईंट निर्माता समिति द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। जिसमें गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, प. बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु आदि राज्यों के साथ उ.प्र. के सभी जनपदों से बड़ी संख्या में ईंट भट्टा संचालकों को आमन्त्रित किया गया। बताया जाता है कि मथुरा जनपद में दो सौ से अधिक ईंट भट्टे संचालित होने के कारण उ.प्र. में ही नहीं देश में ईंट निर्माण की सबसे बड़ी मण्डी मानी जाती है। सूत्रों का कहना है आपसी मतभेदों के चलते जिला ईंट भट्टा एशोसियेशन कुछ वर्ष पूर्व दो फाड़ हो गई थी जिसमें एक गुट के वर्तमान अध्यक्ष ठा. संजीव सिंह महामंत्री केदारनाथ उपाध्याय तथा दूसरे गुट के सुधीर सिंह फौजदार महामंत्री भानुप्रकाश वाष्र्णेय संगठनों का अलग-अलग संचालन कर रहे हैं।

ईंट भट्टा कारोबार बर्बादी की राह पर, सरकार दे रियायत – राष्ट्रीय अध्यक्ष

बताया जाता है कि एक गुट के जिलाध्यक्ष ठा. संजीव सिंह ने 14 मार्च 2020 को जिला प्रशासन से 16 मार्च के कार्यक्रम की अनुमति मांगी तो प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। जिस पर जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम निरस्त की सूचना संगठन के वाट्सअप गु्रपों पर डाल दी। जिससे संगठन में हड़कम्प मच गया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने 16 मार्च को आयोजित कार्यक्रम निरस्त की सूचना को गलत बताते हुए कार्यक्रम होने की सूचना प्रसारित की गई। बताते हैं कि 16 मार्च को बड़ी संख्या में सभी राज्यों से संगठन के पदाधिकारी एवं ईंट भट्टा संचालक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गये। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ उसी बीच वृन्दावन पुलिस मौके पर पहुंच गई ओर आयोजकों से अनुमति दिखाने के लिये कहा जिस पर आयोजकों एवं पुलिस के मध्य झड़प भी हुई। हंगामा देख आयोजकों ने कई सत्ताधारी एवं विपक्षी नेताओं से सम्पर्क कर पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत कराया। हंगामा की गूंज शासन-प्रशासन तक होने के बाद राजनैतिक हंगामा होते देख डीएम मथुरा ने मामले में हस्थक्षेप कर कार्यक्रम स्थल से पुलिस-प्रशासन को वापिस बुलाया तब जाकर कार्यक्रम शुरू हो सका।

500 करोड़ की गौशाला सम्पत्ति कब्जाने का खेल, लगा दिया भाजपा कार्यालय का बोर्ड

बताया जाता है कि कार्यक्रम में व्यवधान के लिये एक गुट के जिलाध्यक्ष ठा. संजीव सिंह के खिलाफ हाथ उठाकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया तो फिर हंगामा हो उठा और स्थिति धक्का-मुक्की, गाली-गलौज तक पहुंच गई बल्कि अनेक लोग बैठक को छोड़कर जाने गले जिन्हें आयोजकों ने जैसे-तैसे कार्यक्रम में रोका। इसके बाद औपचारिक रूप से कुछ प्रस्ताव पास हो सके। लेकिन कार्यक्रम समापन होने तक अफरा-तफरी टकराव के हालत बने रहे। इस सम्बंध में एक गुट के जिलाध्यक्ष ठा. संजीव सिंह ने ‘विषबाण’ से कहा कि कौरोना वायरस के कारण प्रशासन द्वारा 16 मार्च के कार्यक्रम की अनुमति ना मिलने पर 31 मार्च को कार्यक्रम कराने का विचार था। लेकिन दूसरे गुट ने बगैर अनुमति के कार्यक्रम करने की ठान ली। श्री सिंह ने कार्यक्रम में पुलिस भेजकर व्यवधान उत्पन्न करने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह ईंट भट्टा संचालकों के साथ खड़े हैं। दूसरे गुट के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह फौजदार से वार्ता की कोशिश की गई लेकिन काॅल रिसीव नहीं हो सकी। उनके गुट के महामंत्री एवं कार्यक्रम व्यवस्थापक भानु प्रकाश वाष्र्णेय का कहना है कि कार्यक्रम में कुछ लोगों द्वारा व्यवधान की कोशिश की गई थी। श्री वाष्र्णेय ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति का कोई प्रावधान नहीं था। जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ही जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा थे। जोकि कौरोना वायरस के कारण कार्यक्र में शामिल नहीं हो सके।

ईंट भट्टा संचालकों की समस्याओं एवं एकता के लिये बुलाया गया राष्ट्रीय अधिवेशन हंगामा-गुटबाजी के चलते हंगामा की भेंट चढ़ने पर दूर-दराज से आये संगठन के पदाधिकारी ईंट भट्टा संचालक मायूस होकर लौटते नजर आये।