सुरीर दंपत्ति कांडः कोतवाल सहित 3 निलंबित, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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मथुरा। कस्बा सुरीर में पुलिस की दबंगों को संरक्षण देने और पीड़ितों को ही परेशान करने की कार्यशैली से व्यथित दंपत्ति द्वारा स्वयं को आग के हवाले करने की घटना ने मथुरा से लेकर लखनऊ तक पुलिस अधिकारियों को हिला कर रख दिया है। दंपत्ति की हालत काफी नाजुक देखते हुए दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं लोगों के पुलिस के खिलाफ उबल रहे गुस्से को शांत करने के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा सुरीर कोतवाल एवं 2 सब इंस्पेक्टर निलंबित कर दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी आगरा रेंज, जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी देहात सहित अन्य उच्चाधिकारी भी पीड़ित के घर पहुंचे। दबाव के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
न गुंडाराज, न भ्रष्टाचार का नारा देकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने वाली भाजपा के राज में पुलिस ही दबंगों को संरक्षण देते हुए गरीब और पीड़ितों को इस कदर दुत्कार रही है कि वह न्याय न मिलने की स्थिति से परेशान होकर अपनी जान तक लेने में नहीं हिचक रहे हैं। इसका ताजा मामला मथुरा के कस्बा सुरीर में सामने आया। सुरीरकलां निवासी जुगेंद्र ठाकुर एक ईंट भट्टा पर काम करता है। विगत काफी दिनों से पड़ोसी दबंग सत्यपाल सिंह ठाकुर शराब के नशे में जुगेंद्र की पत्नी चंद्रवती और 15 वर्षीय पुत्र जगदीश से गाली गलौज करता आ रहा था। विरोध करने पर मारपीट भी की गई। इसकी शिकायत दंपत्ति ने सुरीर कोतवाली में शिकायत की लेकिन दबंग पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे आरोपी के हौसले बुलंद हो गए और उसने फिर से वही रवैया अपनाते हुए दंपत्ति के साथ अभद्रता करना, गाली गलौज करना, विरोध करने पर मारपीट करना जारी रखा। दंपत्ति ने कई बार पुलिस से कार्यवाही करने की गुहार लगाई। हलका इंचार्ज दीपक नागर से लेकर सुरीर कोतवाल अनूप सरोज को अपनी व्यथा सुनाई लेकिन किसी ने भी आरोपी पर कार्यवाही नहीं की। वरन् आरोपी को जैसे ही पता लगता कि जुगेंद्र पुलिस के पास गया है तो वह उसी दिन दंपत्ति के साथ सरेआम गाली गलौज करते हुए मारपीट करता। इससे जुगेंद्र, उसकी पत्नी और उसका पुत्र स्वयं को समाज में काफी अपमानित महसूस कर रहे थे। धीरे-धीरे उनका यह अपमान जब सहन होने की स्थिति को पार कर गया तो उन्होंने थाने में ही स्वयं के आत्मदाह करने का निर्णय ले लिया।
बताते हैं कि जुगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती घर से ही अपने कपड़ों पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) छिड़क कर निकले थे। साथ में करीब 15 वर्षीय पुत्र जगदीश भी था। सुरीर कोतवाली में जहां कोतवाल बैठते हैं वहां जाकर दंपत्ति को आग लगा ली। इस पर वहां मौजूद पीआरवी के सिपाही और अन्य पुलिसकर्मी दंपत्ति को बचाने की बजाय वहां से भाग खड़े हुए। लेकिन एक सिपाही सौरभ ने हिम्मत दिखाते हुए आग में जल रहे दंपत्ति की आग बुझाने का काफी प्रयास किया। उसने पहले तो एसओ की मेज पर रखे हुए कपड़े को दंपत्ति पर डाला। फिर वहां रखे पैरदान को डाला। फिर भी आग नहीं बुझी तो अपनी वर्दी को उतारकर दंपत्ति के ऊपर डाल कर आग बुझाने का प्रयास किया। जबकि वहां मौजूद स्थानीय लोग भी इस दौरान तमाशबीन बने हुए थे। जबकि जुगेंद्र का पुत्र जगदीश रोते हुए वीडियो बना रहा था क्योंकि उसके पिता ने कहा था कि जब वह आग लगाएं तो बेटा तू वीडियो बनाना। यही वीडियो अब हमें न्याय दिलाएगा। उस समय उस मासूम के दिल पर क्या गुजर रही थी कि वह अपने मां-बाप को बचाने के प्रयास करने की जगह रो रो कर वीडियो बना रहा था। पुलिसकर्मी इतने पर भी नहीं पसीजे। उन्होंने वीडियो बना रहे मासूम जगदीश को वहां से भगा दिया। इस पर जगदीश अपने घर जा पहुंचा। थोड़ी ही देर में दंपत्ति द्वारा स्वयं को आग लगाने की बात पूरे कस्बे में फैल गई। भीड़ ने थाने पर नारेबाजी करना और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। भीड़ के आक्रोशित होने पर पुलिस के भी हाथ पैर फूल गए और उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए जुगेंद्र और उसकी पत्नी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। यहां हालत में सुधार न होते देख निजी अस्पताल नयति में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देखते हुए गंभीर रुप से झुलसे हुए पति-पत्नी को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी, कोतवाल सहित 3 निलंबित
वहीं घटना और घटना के कारण भीड़ के आक्रोशित होने की जानकारी मिलते ही एसएसपी शलभ माथुर, एसपी देहात आदित्य कुमार शुक्ला पुलिस फोर्स सहित मौके पर पहुंच गए। आईजी आगरा रेंज एस सतीश गणेश भी घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल एवं पीड़ित के घर का जायजा लिया। अधीनस्थों को आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र भी पीड़ित के आवास पर पहुंचे और पुत्र जगदीश को सांत्वना देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। वहीं मामले को लेकर एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि लापरवाही बरतने को लेकर सुरीर कोतवाल अनूप सरोज, सब इंस्पेक्टर सुधीर कुमार और हलका इंचार्ज एसआई दीपक नागर को निलंबित कर दिया गया है। विषबाण ने कोतवाल अनूप सरोज से वार्ता की तो अनूप सरोज ने बताया कि आरोपी और पीड़ित के बीच नाली को लेकर विवाद था। इसे लेकर कुछ माह पूर्व आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में उनकी ड्यूटी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और वीआईपी में लगा दी गई थी। इसलिए भी आरोपी पर कार्यवाही नहीं हो सकी थी। लेकिन जब विषबाण की टीम ने पड़ताल की तो नाली का कोई विवाद सामने नहीं आया। इससे पुलिस की कहानी में भी झोल साफ निकल कर आया। विषबाण’ की टीम भी मौके पर पहुंची और उन्होंने घटना की जानकारी प्राप्त की। यहां से पीड़ित जुगेंद्र के घर पर पहुंचे। यहीं पास ही स्थित आरोपी सत्यपाल सिंह के घर पर ताला लगा हुआ था। पूरा परिवार ताला लगाकर फरार हो चुका था। पुलिस ने देर शाम आरोपी सत्यपाल सिंह ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो दंपत्ति को आत्मदाह करने के लिए स्थानीय स्तर की राजनीति करने वाले और दलाल किस्म के लोगों ने उकसाया है। उकसाने वाले लोगों की पुलिस तलाश कर रही है।
आरोपियों के इशारे पर नाच रही थी पुलिस
आत्मदाह करने वाले जुगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती विगत काफी दिनों से लगातार पुलिस से आरोपियों पर कार्यवाही करने की गुहार लगा रहे थे लेकिन पुलिस कार्यवाही करने की जगह आरोपियों के इशारे पर नाच रही थी। जब भी पति-पत्नी पुलिस में कार्यवाही की मांग करने के लिए आते। इसकी सूचना दबंग आरोपी को दे दी जाती। इससे आरोपी फिर से जुगेंद्र और उसकी पत्नी के साथ अभद्रता और मारपीट करता। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि आरोपी सत्यपाल थाने में जाकर पुलिसकर्मियों के साथ उठता-बैठता था। इससे पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल रही थी। पुलिस के इस रवैये के चलते ही दंपत्ति ने स्वयं के आत्मदाह करने का निर्णय ले लिया था। बताते हैं कि एक स्थानीय हिस्ट्रीशीटर का भी आरोपी सत्यपाल सिंह ठाकुर को संरक्षण प्राप्त था। सत्यपाल सिंह के हर गलत कदम में इस बदमाश का साथ होता था। इसके चलते ही घटना होने के बाद सुरीरकलां में पहुंचे इस हिस्ट्रीशीटर के साथ ग्रामीणों ने धक्का मुक्की भी कर दी। इसके बाद यह बदमाश वहां से चुपचाप खिसक लिया।

छावनी में तब्दील हुआ सुरीरकलां और कोतवाली
दंपत्ति द्वारा स्वयं को आग लगाने के बाद अब कस्बा सुरीरकलां और सुरीर कोतवाली सुरीर में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारी पल पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। पीड़ित के घर के आसपास पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर शाम तक तैनात थे और पीड़ित परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने लोगों के आक्रोश को देखते हुए सिविल पुलिस के साथ सीआरपी और आरएएफ सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया है। जो कि चप्पे चप्पे पर फैल कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

दंपत्ति के आग लगाने के बाद ही दर्ज हो सकी रिपोर्ट
जो पीड़ित विगत कई दिनों से पुलिस से लगातार न्याय की गुहार लगा रहा था लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही हो रही थी। यहां तक कि उसकी तहरीर भी दर्ज नहीं की गई थी लेकिन जैसे ही दंपत्ति ने स्वयं को थाने के अंदर ही आग लगा ली। वैसे ही आनन फानन में पुलिस द्वारा पीड़ित दंपत्ति की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। यह मुकदमा संख्या 173/19 धारा 452, 354, 323 और 324 के तहत दर्ज किया गया है।