बलात्कारी सिपाही की गिरफ्तारी को लेकर पीड़िता ने किया आत्मदाह का ऐलान

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आरोपी सिपाही सतीश

बहती हुई आंखों की रवानी में मरे हैं।
कुछ ख्वाब मेरे ऐन जवानी में मरे हैं।
इस इश्क ने आखिर में हमें बर्बाद किया है।
हम लोग इसी खौलते पानी में मरे हैं।
कब्रों में नहीं हमको किताबों में उतारो।
हम लोग मोहब्बत की कहानी में मरे हैं।।
मथुरा। ये पक्तियां भगवान श्रीकृष्ण नगरी मथुरा में कार्यरत यूपी पुलिस के एक सिपाही सतीश कुमार पुत्र फकीर सिंह निवासी गालिमपुर थाना औरंगाबाद जिला बुलंदशहर पर एकदम सटीक बैठती हैं। जो कि राधारानी नगरी बरसाना के थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदगांव पुलिस चैकी पर तैनात था। सतीश कुमार ने फेसबुक के माध्यम से ओडिशा निवासी 3 बच्चांे की मां से ऐसी दोस्ती बनाई कि 3 बच्चों की मां उसके प्रेम में पागल होकर राधारानी दर्शन करने के आमंत्रण पर बरसाना दौड़ी चली आई। यहां सिपाही ने उसे रंगीली महल में एक कमरा दिलाया। रात्रि में महिला को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और रात्रि में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इन निजी पलों को अपने मोबाईल में कैद भी कर लिया। यूपी पुलिस की इस सिपाही ने इसके बाद असली रंग दिखाते हुए महिला को वीडियो वायरल करने की और किसी से शिकायत करने पर स्वयं के पुलिस में होने की धमकी देते हुए उसी दिन 30 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद 2.17 लाख रुपए भी ले लिए। हालांकि इसके बाद जब बात बिगड़ती दिखी तो सिपाही सतीश ने महिला को एक बार फिर मीठी-मीठी बातों में फंसाते हुए महिला को शादी करने का प्रलोभन देते हुए उसे फिर से अपने झांसे में ले लिया। इन रंगीन सपनों में फंसी महिला अपने बच्चों और पति को छोड़कर सिपाही सतीश की बांहों मंे समा गई कि उसे सारे संसार का सुख फिर से सतीश के इर्द गिर्द ही दिखने लगा। दोनों के बीच इश्क-मोहब्बत का यह खेल चलता रहा और सिपाही महिला को शादी का सपना दिखाकर उसकी इज्जत से खिलवाड़ करता रहा। महिला के सपनों का संसार एक बार फिर उस समय टूट गया जब सिपाही सतीश की शादी 8 मार्च 2019 को किसी अन्य युवती से हो गई। जानकारी मिलते ही महिला सिपाही के बुलंदशहर जनपद स्थित घर पहुंच गई और हंगामा खड़ा कर दिया। वहां से न्याय न मिला तो पीड़िता ने वापस आकर थाना बरसाना में सिपाही के खिलाफ बलात्कार सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने दबाव पड़ने पर मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिपाही को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। पीड़िता ने एसएसपी शलभ माथुर से मुलाकात कर विवेचना को स्थानांतरित करने की मांग की। एसएसपी ने विवेचना ट्रांसफर भी कर दी लेकिन फिर भी करीब 15 दिन बीतने के बाद भी सिपाही को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीड़िता ने ‘विषबाण’ से बातचीत में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के अंदर सिपाही को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह मथुरा एसएसपी कार्यालय के सामने आत्महदाह कर लेंगी। इसके लिए मथुरा पुलिस जिम्मेदार होगी। इश्क-मोहब्बत की इस जंग में जीत-हार किसकी होगी। यह तो अभी वक्त तय करेगा लेकिन इश्क की इस आग ने एक तरफ महिला को उसके मासूम बच्चों और पति से अलग कर दिया है तो दूसरी तरफ आरोपी सिपाही सतीश अपनी नव विवाहिता, परिजनों के साथ पुलिस महकमे की नजरों में गिरकर अपना दिन का चैन और रात की नींद गंवा चुका है। इससे बार फिर यह चरितार्थ हो गया कि ‘ये इश्क नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे, ये आग का दरिया है, इक दिन डूब के जाना है।’