मथुरा में 6 वर्षीय मासूम की दिनदहाड़े हत्या, हाईवे जाम

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मथुरा। जनपद में आपराधिक घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। आए दिन हो रही हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार आदि की घटनाएं पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठा रही हैं। वहीं आम जनमानस में भी भय व्याप्त हो गया है। ताजा मामला थाना हाईवे का है। यहां गुरुवार को 6 वर्षीय एक बच्चे का शव उसके घर से करीब 500 मीटर दूर मिला। दिनदहाड़े बच्चे की हत्या से गुस्साए परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर बच्चे का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। जानकारी पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बमुश्किल लोगों को समझा बुझा कर और घटना का जल्द खुलासा करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मामले का खुलासा करने के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं।

मृत मासूम योगेश 

थाना हाईवे अंतर्गत शंकर पुरी कालोनी निवासी जयप्रकाश की पत्नी गुरुवार आज दोपहर को अपने बड़े बेटे को स्कूल से लेने के लिए गई थी। जबकि 6 वर्षीय दूसरे पुत्र योगेश गोला उर्फ कृष्णा को वह घर छोड़ गई थी। जब वह वापस लौटी तो उसे योगेश घर पर नहीं मिला। बच्चे के घर पर न होने के कारण सभी लोग परेशान होकर बच्चे को ढूंढने लगे। तलाश करने के दौरान ही घर से करीब 500 मीटर दूर काफी भीड़ लगी हुई देखी। वहां जाकर देखा तो मासूम योगेश का शव वहां पड़ा हुआ था। शव देखते ही योगेश की मां बेहोश होकर गिर गई। परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। मासूम बच्चे का शव सबसे पहले देखने वाली एक प्रत्यक्षदर्शी महिला मल्लो देवी ने बताया कि वह दोपहर में लगभग 12.30 बजे वहां से होकर गुजर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार 2 युवकों को उसने देखा। जिनके पास योगेश का शव था और वह उसे काटने का प्रयास कर रहे थे। महिला के शोर मचाने पर वह शव छोड़ कर भाग खड़े हुए। भागे युवकों के पास शस्त्र भी थे। मृत मासूम बच्चा हाइवे स्थित बाबा जयगुरुदेव बाल्य बालिका विद्या मंदिर में पढ़ रहा था। योगेश आज किसी कारणशव स्कूल नहीं गया था। दिन दहाड़े मासूम बच्चे की हत्या कर शव फेंकने से लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग बच्चे का शव लेकर हाईवे पर आ गए और यहां शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। थोड़ी ही देर में हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। जाम की सूचना पर एसएसपी शलभ माथुर, एसपी सिटी अशोक मीणा, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। यहां जाम लगा रहे लोगों को उन्होंने समझाया। घटना का 7 दिन में खुलासा करने के आश्वासन दिया। इसके बाद बमुश्किल जाम खुलवाया जा सका।