शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी पर पिता सहित ठगी का मुकदमा दर्ज

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मथुरा। जनपद में डेढ़ वर्ष पूर्व हुए परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। इस प्रकरण में अभी तक पुलिस से पहुंच दूर फरार चल रहे एक शिक्षक और उसके पिता के खिलाफ थाना नौहझील में धोखाधड़ी कर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह धोखाधड़ी 5 लाख रुपए लेकर शिक्षक बनवाने के नाम पर की गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रकिया के दौरान विभागीय लिपिक और कुछ शिक्षकों ने मिलकर युवकों के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार उन्हें फर्जी शिक्षक बनाकर नौकरी दे दी थी। इसके बाद उन्हें विद्यालयों में ज्वाइनिंग भी दे दी गई। शिकायत के बाद घोटाले का खुलासा हुआ तो लोगों ने दांतो तले अंगुली दबा ली थी क्योंकि धोखाधड़ी में शामिल लोगों ने ऐसे लोगों को शिक्षक बना दिया गया था जिनका शिक्षा से दूर दूर तक कोई नाता नहीं था। घोटाले की गूंज लखनरु तक सुनाई दी थी। इस घोटाले में शामिल कई लोगों और मास्टरमाइंड को एसआईटी की टीम ने पकड़कर सींखचों के हवाले कर दिया था। इनमें से एक आरोपी वेगराज चाहर अभी तक फरार चल रहा है। बताते हैं कि आरोप वेगराज चाहर के भाजपा और आरएसएस के वरिष्ठ एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इसकी नेताओं के साथ निकटता दर्शाते हुए फोटो भी विषबाण द्वारा पूर्व में समाचार के साथ जारी किए गए थे। इसी वेगराज चाहर और उसके पिता देशराज चाहर के खिलाफ अब थाना नौहझील में शिक्षक बनवाने के नाम पर 5 लाख रुपए लेने की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। वृंदावन के नगला नेता निवासी नरेश चौधरी पुत्र रमेशचंद ने शिक्षक भर्ती घोटाले के मास्टरमांइड में शामिल वेगराज चौधरी और उसके पिता देशराज सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसे शिक्षक बनवाने का झांसा दिया था। इसकी एवज में 5 लाख रुपए लिए थे लेकिन रुपए देने के बाद भी न तो नौकरी ही लगी। न ही रुपए वापस किए। जब रुपए वापस करने के लिए दबाव बनाया गया तो उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। इससे वह काफी भयभीत हैं। पीड़ित नरेश चौधरी ने थाना नौहझील में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नौहझील पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।