मीटिंग में गई थीं शिक्षिका, अनुपस्थित दिखा कर की निलंबन की संस्तुति

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मथुरा। परिषदीय विद्यालयों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए इन दिनों प्रशासनिक अधिकारी लगातार विद्यालयों पर छापा मार कर निरीक्षण कर रहे हैं। खराब स्थिति मिलने और शिक्षकों के अनुपस्थित मिलने पर कार्यवाही भी कर रहे हैं। इसी क्रम में डिप्टी कलक्टर द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के बाद की गई कुछ कार्यवाहियां सवालां के घेरे में आ गई हैं। एक ताजा मामला जयसिंह पुरा द्वितीय विद्यालय का आया है। यहां तैनात इकलौती शिक्षिका नगर क्षेत्र में होने वाली मीटिंग में गई थीं। तभी उनके विद्यालय में डिप्टी कलक्टर ने छापा मारा और विद्यालय बंद मिलने पर शिक्षिका के निलंबन की संस्तुति भी कर दी। पीड़ित शिक्षिका ने इस संबंध में डीएम के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत किया है।
विगत कई दिनों से डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय लगातार परिषदीय विद्यालयों में निरीक्षण कर शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति के साथ शैक्षिक गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। कई विद्यालयों में स्टाफ के अनुपस्थित मिलने पर उनके निलंबन के साथ अन्य विभागीय कार्यवाही करने की भी संस्तुति की गई है। इसी क्रम में वह 1 अगस्त को नगर क्षेत्र के जयसिंह पुरा द्वितीय विद्यालय करीब 12.15 पहुंचे। यहां उन्हें विद्यालय बंद मिला। इस पर डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय ने यहां कार्यरत एकमात्र शिक्षिका सरिता सारस्वत को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के लिए डीएम को संस्तुति कर दी। वहीं शिक्षिका सरिता सारस्वत ने इस मामले में जिलाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि 1 अगस्त को दोपहर 12 बजे से नगर खंड शिक्षा अधिकारी ने नगर शिक्षा संसाधन केंद्र पर बैठक बुलाई थी। वह अपने स्कूल में एकमात्र शिक्षिका हैं, इसके चलते मीटिंग में उनका जाना आवश्यक था। इसकी सूचना उन्होंने विद्यालय बंद करने से पूर्व ही स्कूल के बाहर दीवार पर भी अंकित कर दी थी। इसके बाद भी डिप्टी कलक्टर ने उनके विद्यालय को समय से पूर्व बंद बताते हुए न केवल मीडिया में इसकी रिपोर्ट जारी की वरन् उनके निलंबन की संस्तुति तक कर दी। जबकि इससे पूर्व उनका पक्ष जानने का प्रयास करना चाहिए था। उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर भी सवाल उठ रहे हैं। जबकि वह सदैव समय से स्कूल जाती हैं और समय पर ही विद्यालय छोड़ती हैं। समय से पूर्व विद्यालय छोड़ने संबंधी समाचार से उनकी प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है। इससे उन्हें काफी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिक्षिका सरिता सारस्वत ने बैठक संबंधी साक्ष्य भी डीएम को उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने डीएम को साक्ष्य सौंपते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है।