काउंसलिंग को लेकर बनाए दोहरे नियम, स्थगित, शिक्षकों में रोष,

0
156

मथुरा। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यशैली लगातार विवादों में बनी हुई है। आए दिन शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोई न कोई ऐसा निर्णय ले लिया जाता है। जिससे विभाग की किरकिरी हो जाती है। ऐसा ही एक ताजा मामला गत दिवस अंग्रेजी माध्यम के चयनित विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष होने वाली प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापकां को विद्यालय आवंटन की काउंसलिंग के दौरान सामने आया। शिक्षकों को उसकी मूल तैनाती वाले ब्लाक में ही विद्यालय आवंटित करने के निर्णय से हंगामा खड़ा हो गया। इससे घबराए शिक्षा अधिकारियों ने काउंसलिंग को स्थगित कर दिया।
जनपद में वर्ष 2018-19 में प्रत्येक ब्लॉक के चुनिंदा परिषदीय विद्यालयों में से कुछेक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के रुप में चयनित किया गया था। इनमें प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई। लिखित एवं साक्षात्कार के बाद 46 सहायक अध्यापक एवं 15 प्रधानाध्यापकों को चयनित किया गया। इनको विद्यालय आवंटित करने के लिए 25 जुलाई को डायट पर बुलाया गया। यहां चयनित प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों को उसी ब्लॉक में विद्यालय चुनने के लिए कहा गया, जिस ब्लॉक में उसकी मूल तैनाती है। इस बात पर वहां विवाद खड़ा हो गया। शिक्षकों का कहना था कि पूर्व में हुई काउंसलिंग में ऐसा कोई नियम नहीं था। पूर्व की काउंसलिंग में तो शिक्षकों को अन्य ब्लॉक में भी विद्यालय आवंटित किया गया था। फिर अब नया नियम क्यों बना दिया गया है। इसे लेकर डायट पर हंगामा खड़ा हो गया। डायट पर चल रहे हंगामे की जानकारी मिलने पर शिक्षक नेता भी मौके पर पहुंच गए। यहां डायट प्राचार्य महेंद्र सिंह और बीएसए चंद्रशेखर से शिक्षक नेताओं ने वार्ता की। इसके बाद काउंसलिंग को स्थगित कर दिया गया। कमेटी अध्यक्ष डायट प्राचार्य महेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय आवंटित करने के लिए होने वाली काउंसलिंग के लिए उच्चस्तरीय अधिकारियों से दिशा निर्देश मांगे जाएंगे। इसके बाद ही तिथि घोषित होगी। वहीं इस संबंध में बीएसए चंद्रशेखर से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने अपना फोन अटेंड नहीं किया।