डीआईओएस ने हवा में उड़ाए डीएम के आदेश, वेतन को भटक रहा लिपिक

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मथुरा। जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा ने जब से मथुरा में कार्यभार संभाला है। तभी से उनकी कार्यशैली लगातार विवादों में रही है। अब एक नया विवाद सामने आया है। एक कालेज में कार्यरत लिपिक को 4 माह से वेतन नहीं मिला है। कई बार शिकायतें करने के बाद भी डीआईओएस इसका निस्तारण करने की जगह उसे टाल रहे हैं। जब काफी दबाव पड़ा तो वेतन बिल बनवा कर अनुमोदित कर दिया गया लेकिन फिर उसे रुकवा दिया। इससे लिपिक के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जानकी बाई गर्ल्स इंटर कालेज में कार्यरत लिपिक अक्षय भारद्वाज इन दिनों काफी परेशान हैं। उन्हें कालेज द्वारा विगत 4 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने कई बार कालेज प्रबंधन को अवगत कराया लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। लिपिक द्वारा डीआईओएस से भी लगातार शिकायतें की जा रही हैं ताकि उन्हें वेतन मिल सके लेकिन डीआईओएस द्वारा लगातार सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। कार्यवाही नहीं की जा रही है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें अपने परिचितों से उधार लेकर अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है। लिपिक अक्षय भारद्वाज ने बताया कि प्रधानाचार्या द्वारा उनका वेतन बिल नहीं भेजा जा रहा है। जबकि उनका प्रधानाचार्या से कोई विवाद नहीं है। बताया कि डीआईओएस से भी लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि वेतन जारी कराया जाए लेकिन उनके द्वारा समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। बताया कि उन्होंने कई बार कालेज प्रबंधन की शिकायतें की। डीआईओएस से अनुरोध किया गया। जब काफी दबाव बना तो डीआईओएस द्वारा अपने स्तर से वेतन बिल बनवा लिए गए लेकिन कोषागार पहुंचने से पूर्व ही डीआईओएस द्वारा वेतन टोकन रुकवा दिया गया। वेतन बिल बनने के बाद वेतन रोके जाने का कोई कारण समझ में नहीं आ रहा है। लिपिक ने बताया कि इस संबंध में डीएम से मुलाकात कर उनसे भी शिकायत की गई। डीएम द्वारा भी वेतन जारी करने के आदेश दिए गए लेकिन यह आदेश भी धूल फांक रहे हैं। अक्षय भारद्वाज ने कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे। साथ ही डीआईओएस ऑफिस पर परिवार सहित धरना देंगे। डीआईओएस इस बारे में मीडिया को भी भ्रमित कर रहे हैं। मीडिया को लगातार बताया गया कि उनका वेतन जारी कर दिया गया। जबकि लिपिक को वेतन नहीं दिया गया है। डीआईओएस केपी सिंह ने बताया कि किन्हीं कारणों वश उनका वेतन रोका गया था। बुधवार की शाम को उनके वेतन बिल पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। उन्हें वेतन मिल जाएगा।