स्कूल के द्वार पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा “नामर्दी” के उपचार का पाठ

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मथुरा। शहर के बीचों बीच स्थित सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज के गेट पर इन दिनों लगा हुआ एक होर्डिंग यहां आने वाले छात्र-छात्राओं के बीच शर्म का कारण बन गया है। यह होर्डिंग एक नामी गुप्त रोग चिकित्सक का है। इस होर्डिंग में चिकित्सक नामर्दी, स्वप्नदोष आदि के शर्तिया उपचार का प्रचार करते दिख रहे हैं। इससे यहां प्रतिदिन पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को शर्म का सामना करना पड़ रहा है।
पुराने बस स्टेंड से कचहरी की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज शहर के काफी पुराने कालेजों में शुमार है। कुछ वर्ष पहले तो यहां की हालत काफी खस्ता हो चुकी थी लेकिन जब से अजयकृष्ण सारस्वत ने यहां प्रधानाचार्य पद का चार्ज लिया है तब से यहां लगातार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। जब उन्हांने यहां वर्ष 2015 में ज्वाइन किया था उस समय कालेज में केवल 39 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जबकि आज यह संख्या बढ़कर लगभग 500 की संख्या को पार कर चुकी है। प्रधानाचार्यां के प्रयासों के चलते ही यहां आज छात्राएं भी पढ़ने के लिए आ रही हैं जबकि पूर्व में यहां केवल छात्र पढ़ने के लिए आते थे। लेकिन कुछ दिनों से यहां काफी विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है। कालेज के मुख्य द्वार पर गुप्त रोग चिकित्सक डॉ. शेख का प्रचार करते हुए एक होर्डिंग लगा हुआ है। इस होर्डिंग पर यह चिकित्सक नामर्दी, स्वप्न दोष, शीघ्रपतन, बे-औलाद, निल शुक्राणु, बवासीर आदि का शर्तिया उपचार करने का दाव कर रहे हैं। शिक्षा के केंद्र के मुख्य द्वार पर ही लगा हुआ यह होर्डिंग चर्चा का विषय बना हुआ है। यह होर्डिंग कालेज में आने वाले विद्यार्थियों के बीच शर्म का कारण बना हुआ है। कालेज में छात्राओं के भी पढ़ने के कारण यह अधिक अश्लील नजर आ रहा है। छात्राओं को कालेज आते-जाते समय मुंह छिपाकर आना-जाना पड़ता है। इस संबंध में विषबाण ने प्रधानाचार्य अजयकृष्ण सारस्वत से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि होर्डिंग लगाने वाले लोग उनकी अनुपस्थिति में गेट के बाहर होर्डिंग लगाकर चले गए थे। इसे हटाने के लिए डॉ. शेख से कहा गया है लेकिन उन्होंने इसे नहीं हटाया है। यदि 3 दिन के अंदर होर्डिंग कालेज के गेट से नहीं हटाया जाता है। तो इसे फाड़ दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्वयं चिकित्सक और होर्डिंग लगाने वाले ठेकेदार की होगी।