आरएसएस ने मंडी चौराहा पर संभाली यातायात व्यवस्था

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मथुरा। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले में गोवर्धन की परिक्रमा एवं अपने गुरुजी के यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक ओर जहां शासन प्रशासन अपनी व्यवस्था बनाता है। वहीं हर साल संघ भी यातायात व्यवस्था सुचारू चलाने के लिए व्यवस्था बनाता है।
चूंकि गोवर्धन से वापस आने वाली बसों का रूट ही सौंख होकर था, इसीलिए मंडी चौराहे पर जाम की आशंका देखते हुए संघ ने मंडी चौराहे पर यातायात की व्यवस्था के लिए योजना बनाई थी। विगत कई सालों से चले आ रहे इस उपक्रम को इस बार भी मूर्त रुप देने के लिए सुबह 6 बजे से ही स्वयंसेवकों का मंडी चौराहे पर आना शुरू हो गया था। महानगर कार्यवाह शिवकुमार ने सुबह ही साफ कह दिया था कि मेले में लगी रोडवेज की बसों को निकालना प्राथमिकता है। उन्हें किसी भी हालत में जाम में नहीं फंसने देना है। इसीलिए उनकी योजना के अनुसार पहले 8-8 की टोली में स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ से यातायात को संभालना शुरू किया। बाद में स्वयंसेवकों के बढ़ने पर टोली में स्वयंसेवकों की संख्या 15-15 कराई गई। राजमार्ग के दोनों ओर खड़ी टोली आपस में सामंजस्य बनाने के लिए शाखाओं पर सिखाए जाने वाले सीटियों के संकेत का उपयोग कर रहे थे। दोपहर 2 बजे वाहनों का दबाव कम होने पर ही स्वयंसेवक वहां से हटे। इस दौरान कई बार शासन के अधिकारी भी अपनी-अपनी गाड़ियों से निकले। स्वयंसेवकों को व्यवस्था संभालते देख उनकी प्रशंसा करने से नहीं चूके। व्यवस्था बनाने वालों में विभाग प्रचारक गोविंद, महानगर विद्यार्थी प्रचारक मयंक, राजपाल, भाग कार्यवाह जितेंद्र, नगर कार्यवाह पवन, हरेंद्र, मोहनदास, संदीप, अजय, विनय, सूरज, बलराम, योगेश, योगेन्द्र, वीरेंद्र, अशोक बंसल, नरेंद्र आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।