स्वर्ण जयंती अस्पताल के उत्पीड़न से त्रस्त वार्ड बॉय ने की आत्महत्या

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मथुरा। स्वर्ण जयंती अस्पताल टाउनशिप के एक कर्मचारी ने अस्पताल प्रबंधन के उत्पीड़न से त्रस्त होकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना से परिजनों एवं अन्य अस्पताल कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। हालांकि परिजनों ने पुलिस को इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों की मांगों को मानने का आश्वासन दिया है।
थाना रिफाइनरी क्षेत्र स्थित कदंब बिहार कालोनी निवासी पवन कुमार आयु करीब 55 वर्ष पुत्र महावीर सिंह विगत काफी समय से स्वर्ण जयंती अस्पताल में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत था। परिजनों का आरोप है कि काफी समय से अस्पताल प्रबंधन द्वारा उसका मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। इस बारे में उसने कई बार अपने परिजनों से बात भी की थी और वह बीते काफी समय से मानसिक रुप से अवसादग्रस्त हो गया था। संभवतः इसके चलते ही वह गत रात्रि में ड्यूटी से घर वापस लौटा तो उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। इससे पवन कुमार की तबियत बिगड़ने लगी। परिजन और स्थानीय लोग उसे लेकर उपचार के लिए स्वर्ण जयंती अस्पताल भागे। यहां से उसे रैफर कर दिया गया। बाद में गोवर्धन चौराहा स्थित सिटी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम गृह भेज दिया। थानाध्यक्ष रिफाइनरी ने बताया कि परिजनों ने स्वर्ण जयंती अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को लेकर उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं की है। हालांकि परिजन की मांग थी कि मृतक पवन कुमार के स्थान पर उसके किसी एक परिजन को अस्पताल में ही नौकरी दे दी जाए। बताया कि अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को नौकरी की मांग को मानने के लिए लिखित आश्वासन दिया है।