मथुरा में रिश्वत लेता बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार, मचा हड़कंप

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मथुरा। जनपद में एक बार फिर एंटी करप्शन की टीम ने अपनी आमद दर्ज कराते हुए एक भ्रष्ट लिपिक को 6000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जिला खादी एवं ग्रामोद्योग केंद्र का यह लिपिक रोजगार ऋण की फाइल को पास कराने के नाम पर अभ्यर्थी से रिश्वत मांग रहा था। जैसे ही आरोपी बाबू ने अपने हाथों में पैसे लिए तभी एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम उसे पकड़कर थाना हाईवे ले गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्यवाही की जा रही थी।
कस्बा फरह की राधिका विहार कालोनी निवासी प्रमोद कुलश्रेष्ठ और रामेश्वर सिंह ने अपना स्वरोजगार लगाने के लिए मोतीकुंज स्थित जिला खादी एवं ग्रामोद्योग केंद्र में ऋण लेने के लिए फाइलें लगाई थीं। इसमें प्रमोद कुलश्रेष्ठ सोलर चरखा और रामेश्वर सिंह अपना फ्लैक्स प्रिटिंग का काम शुरु करना चाहते थे। इसके लिए प्रमोद ने कुल 10 लाख और रामेश्वर सिंह ने 15 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता प्रमोद कुलश्रेष्ठ का आरोप है कि आवेदन की पत्रावली जमा करने के बाद ही लिपिक विनोद कुमार चौधरी ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के नाम पर प्रति फाइल 3500 रुपए मांगे थे। इसमें से 2000 रुपए दे दिए गए थे। इसके बाद फिर 30 जून को विनोद कुमार चौधरी ने दोनों अभ्यर्थियों को एक बार फिर बुलाया। यहां उनसे फाइल को बैंक तक भेजने के लिए आवेदित ऋण की धनराशि का 2 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के तौर पर मांगा। जब दोनों ने देने में असमर्थता जताई तो काफी तोल मोल के बाद प्रति फाइल 6000 रुपए पर बात तय हो गई। इसके बाद प्रमोद एवं रामेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी और एसएसपी को इससे अवगत कराया। साथ ही एंटी करप्शन टीम से भी बात की। इंस्पेक्टर रामपाल सिंह के नेतृत्व में एंटी करप्शन की टीम ने प्रमोद एवं रामेश्वर सिंह की पूरी बात को सुना। इसके बाद अपनी प्रक्रिया पूरी करते हुए प्राथमिक जांच भी की। फिर लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए शुक्रवार 12 जुलाई का दिन तय हुआ। जिला खादी एवं ग्रामोद्योग केंद्र पहुंचे प्रमोद एवं रामेश्वर सिंह ने जैसे ही लिपिक विनोद कुमार चौधरी को रिश्वत के 6000 रुपए दिए तभी एंटी करप्शन की टीम ने छापा मारकर लिपिक विनोद कुमार को रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस की टीम में डीएम की तरफ से दो गवाह भी शामिल थे। पकड़े गए लिपिक को जैसे ही आभास हुआ कि उसे विजिलेंस ने पकड़ लिया है। उसने छूटने का काफी प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सका। बाबू विनोद कुमार को थाना हाईवे लाया गया। यहां उससे पूछताछ की जा रही थी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्यवाही चल रही थी।