जायंट्स ग्रुप विवादः मथुरा के रईसों में मचा घमासान, महिलाएं भी मैदान में

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मथुरा। जायंट्स ग्रुप की पार्टी में परोसी गई अश्लीलता का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वरन् अब इस विवाद में अन्य समाजसेवी एवं व्यापारिक संगठन भी अपने हाथ सेकते नजर आ रहे हैं। इस पार्टी को लेकर उपजे विवाद में मथुरा के समाजसेवी दो गुटों में बंट गए हैं। गत दिवस दोनों ही गुटों के संगठनों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर इस विवाद में एक दूसरे के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। एडीएम प्रशासन ने इस संबंध में उचित कार्यवाही किए जाने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है।
आगरा के एक पंच सितारा होटल में गत दिनों जायंट्स ग्रुप द्वारा एक पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि इस पार्टी में जमकर अश्लीलता परोसी गई। अर्द्धनग्न लड़कियों के साथ क्लब के पदाधिकारियों के डांस करने, बालाओं पर नोट उड़ाने की फोटो और वीडियो वायरल हो गईं। वायरल होते ही इस अश्लीलता पर बवाल हो गया है। जायंट्स ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष गर्ग का आरोप है कि उन्होंने इस अश्लीलता का विरोध किया तो उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। फिर क्लब से ही निष्कासित कर दिया गया। आशुतोष गर्ग ने जायंट्स ग्रुप के अध्यक्ष केवल राम चंदानी एवं प्रशासनिक निदेशक पर मानहानि का दावा किया है। वहीं अब जनपद के विभिन्न सामाजिक संगठन इस मामले में दो फाड़ हो गए हैं। एक गुट इस अश्लीलता के विरोध में आ गया है तो दूसरा गुट जायंट्स ग्रुप का समर्थन कर रहा है। इसी विवाद को लेकर एक गुट ने जिलाधिकारी के न मिलने पर एडीएम प्रशासन से मुलाकात कर अश्लीलता फैलाने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। इस गुट में संस्कार भारती, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार मंडल, विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद्, नवचेतन, श्रीकृष्णा वेलफेयर सोसायटी, श्रीराधा कृष्ण सेवा समिति, अर्पिता फाउंडेशन, श्रीराम संस्थान आदि संस्थानों से गजेंद्र शर्मा, प्रतिमा सिंह, शिखा चौधरी, अनीता चावला सहित अन्य मौजूद रहे।
वहीं जायंट्स ग्रुप ने एसएसपी से मुलाकात कर आशुतोष गर्ग पर संस्था को बदनाम करने एवं सदस्यों को जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही करने की मांग की। इस प्रकरण में एडीएम प्रशासन सतीश कुमार त्रिपाठी ने एसएसपी शलभ माथुर को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही करने की बात कही है। एसएसपी शलभ माथुर ने भी उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। एसएसपी से मिलने वालों में संजीव वर्मा, प्रदीप फौजदार, पंकज गोयल, अंशुल अग्रवाल, हरीश अग्रवाल, पीयूष जैन, लता अग्रवाल समेत काफी लोग प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। जायंट्स ग्रुप के प्रशासनिक निदेशक संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि आशुतोष गर्ग और उनकी पत्नी को उनके खराब व्यवहार के कारण ही 7 संगठनों ने अपने यहां से निष्कासित किया है। यह भी आरोप है कि कल्पना गर्ग को अभद्र व्यवहार के चलते अग्रवाल महिला मंडल से भी बाहर का रास्ता दिखाया गया तो इन्होंने महिला मंडल पर दबाव बनाने के लिए 50 लाख का नोटिस दिया। पूर्व अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने विषबाण को अपना पक्ष रखते हुए अपने एवं अपनी पत्नी कल्पना गर्ग के ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। इस संबंध में जायंट्स ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल से भी बात की गई तो उन्होंने मामले से संबंधित कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।