ओहावा महापंचायत में पुलिस अधिकारियों ने मानी ग्रामीणों की मांग

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मथुरा। कस्बा सुरीर के गांव ओहावा में आमने सामने आए खनन ठेकेदार और ग्रामीण मामले में रविवार को महापंचायत आयोजित की गई। इसमें सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए। वहीं महापंचायत की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मय फोर्स के गांव पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों की सभी शर्तां को मानने का आश्वासन दिया।
गांव ओहावा में खनन ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर पुलिस द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ की गई कार्यवाही के विरोध में रविवार को महापंचायत आयोजित की गई थी। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के नेतृत्व में आयोजित महापंचायत में आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी पहुंचे थे। बता दें कि गांव ओहावा में खनन ठेकेदार के वाहन चालकों ने एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ कर दी थी। इसका विरोध करने पर किशोरी के भाई, भाभी के साथ मारपीट भी की। इसके विरोध में जब गांव वालों ने थाना सुरीर में तहरीर दी तो पुलिस ने ग्रामीणों की तहरीर पर कार्यवाही करने की बजाय खनन ठेकेदार के साथ मिलकर ग्रामीणों के खिलाफ ही नामजद और अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके विरोध में ही महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसका ऐलान होते ही रात्रि में पुलिस प्रशासन नेताओं को समझाने बुझाने में लग गया था। लेकिन फिर भी महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सीओ कैलाश चंद पांडेय भी मांट, सुरीर, नौहझील थाने की फोर्स के साथ पहुंचे थे। ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। भाकियू लोकशक्ति के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर किरनपाल सिंह ने बताया कि महापंचायत में ग्रामीणों के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का कड़ा विरोध जताया गया। पुलिस अधिकारियों ने वार्ता के दौरान उनकी सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। यदि शीघ्र ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो फिर से महापंचायत का ऐलान किया जाएगा।