मथुरा के उत्कृष्ट स्कूलों में नहीं फर्नीचर, प्रोजेक्टर, कम्प्यूटर!

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मथुरा। जनपद के 3 परिषदीय विद्यालयों को हाल ही में बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय के रुप में चयनित किया गया है। तीनों विद्यालयों में से एक-एक शिक्षक को परिषद् द्वारा सम्मानित किया जाएगा। हालांकि अभी सम्मानित करने की तिथि घोषित नहीं की गई है। लेकिन सूची जारी होते ही यह सम्मान विवादों में घिर गया है। आरोप हैं कि जिन विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रुप में चयन किया गया है। उनसे भी काफी बेहतर विद्यालय जनपद में हैं लेकिन उनका कहीं कोई नाम नहीं है।
बेसिक शिक्षा परिषद् ने हाल ही में प्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालयों की सूची जारी की थी। इनमें प्रदेश के 84 विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रुप में चयनित किया गया है। इस सूची में जनपद के 3 परिषदीय विद्यालय में सम्मिलित हैं। इसमें विकासखंड राया का प्राथमिक विद्यालय राया द्वितीय की प्रधानाध्यापिका पूजा चौधरी, विकासखंड गोवर्धन का आदर्श पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोरिहा पट्टी के सहायक अध्यापक लोकेश शर्मा और विकास खंड बलदेव का प्राथमिक विद्यालय लोहवन के इंचार्ज प्रधानाध्यापक कुलदीप सारस्वत का चयन किया गया है। सूची जारी होते ही जनपद के लिए चयनित किए गए विद्यालय विवादों में घिर गए हैं। जनपद के कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चयनित किए गए विद्यालयों का जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया।

शिक्षकों का कहना है कि चयनित विद्यालयों में से किसी में फर्नीचर नहीं है तो किसी स्कूल में कम्प्यूटर कक्षाएं भी संचालित नहीं होती हैं तो किसी में प्रोजेक्टर नहीं है। यहां तक कि छात्र संख्या भी कोई ऐसी नहीं है कि जिस आधार पर उत्कृष्ट विद्यालय के रुप में चयनित किया जा सके। बिना भौतिक सत्यापन के ही उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन कर लिया गया। जबकि जनपद में कई ऐसे विद्यालय भी हैं जो कि इनसे काफी बेहतर स्थिति में हैं। वहां छात्र संख्या, कम्प्यूटर क्लास, प्रोजेक्टर तो है ही साथ ही स्कूल की भौतिक स्थिति भी काफी अच्छी है। इसके बाद भी उनका चयन न हो पाना शिक्षकों को चौंका रहा है। कुछ शिक्षकों ने इसकी शिकायत करने की बात कही है।