पुलिस के खिलाफ होगी महापंचायत, जुटेंगे हजारों ग्रामीण

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मथुरा। जनपद के कस्बा सुरीर के गांव ओहावा में खनन ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच हुए झगड़े में पुलिस पर ग्रामीणों की जगह माफियाओं का साथ देने के आरोप लग रहे हैं। ठेकेदार के लोगों द्वारा एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ का आरोप ठेकेदार के लोगों पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने इन धाराआें में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। वरन् उल्टा ठेकेदार के साथ मिलकर ग्रामीणों के खिलाफ ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके विरोध में 23 जून रविवार की दोपहर में गांव ओहावा में भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति द्वारा महापंचायत करने का ऐलान किया है। इससे पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई है।
कस्बा सुरीर में इन दिनों बालू खनन का काम चल रहा है। गांव ओहावा के ग्रामीणों का आरोप है कि 20 जून को खनन ठेकेदार का डंपर चालक वाहन लेकर गांव के समीप से निकल रहा था तभी वहां से गुजर रही एक किशोरी के साथ उसने छेड़छाड़ का प्रयास किया। किशोरी ने शोर मचाया तो किशोरी का भाई और भाभी भी आवाज सुनकर वहां पहुंच गए। इस पर चालक ने अपने साथियों को भी बुला लिया और तीनों के साथ जमकर मारपीट की। शोर शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जबकि ठेकेदार ने पुलिस से सेटिंग कर ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। ठेकेदार की ओर से इब्राहिम निवासी पुन्हाना हरियाणा ने ग्रामीण संतोष, रामहेत, रामकिशन, सत्यवीर, सतवीर, नेत्रपाल, शीशपाल समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। खनन ठेकेदार के लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की जगह उल्टा ग्रामीणों पर ही मुकदमा दर्ज होने से आसपास के गांवों के लोगों में रोष फैल गया है। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने पुलिस की मनमानी कार्यशैली के खिलाफ रविवार को गांव ओहावा में महापंचायत का ऐलान करते हुए आसपास के गांव के लोगों से इसमें पहुंचने का अनुरोध किया है।

भाकियू लोकशक्ति के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर किरनपाल सिंह ने विषबाण को फोन पर बताया कि थानों में पीड़ितों की आवाज को सुनने के बजाय दबाया जा रहा है। पुलिस द्वारा खुली लूट की जा रही है। माफियाओं को शह दी जा रही है। उच्चाधिकारी भी इस लूट की तरफ से आंखें मूंदे बैठे हैं। यही कारण है कि ओहावा के ग्रामीणों का सुरीर पुलिस द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके खिलाफ ही रविवार को दोपहर 12 बजे से ओहावा में महापंचायत बुलाई गई है।
पुलिस द्वारा पीड़ितों के खिलाफ ही कार्यवाही करने का यह नया मामला नहीं है। हाल ही में थाना हाईवे पुलिस ने खनन माफिया और सिपाही के साथ हुई महीनेदारी की बातचीत का ऑडियो वायरल करने के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया था। जबकि ऑडियो वायरल करने वाला भाजपा के सतोह मंडल का उपाध्यक्ष है। जब पुलिस के खिलाफ आवाज उठाने पर सत्ताधारी नेताओं के खिलाफ ही कार्यवाही की जा रही है तो फिर ऐसे में आम आदमी के खिलाफ पुलिस क्या कर सकती है। इसका सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है।