गुंडाराज न भ्रष्टाचार की आवाज बुलंद करने पर ‘चकरघिन्नी’ बना भाजपा नेता

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पीड़ित भाजपा नेता ललित पाठक

मथुरा। ‘न गुंडाराज न भ्रष्टाचार’ का नारा देकर प्रदेश में सरकार बनाने वाली भाजपा सरकार में पुलिस अधिकारी ही खुलेआम भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। खुलेआम रिश्वत की मांग करने वाले सिपाही और थानाध्यक्ष को अभयदान देकर मोबाईल पर सिपाही की रिकार्डिंग करने वाले युवक और ऑडियो वायरल करने वाले भाजपा नेता के खिलाफ ही कार्यवाही कर दी गई। पहले तो रिकार्डिंग करने वाले युवक को थाने में जमकर टॉर्चर किया गया। फिर युवक के माध्यम से ही भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पीड़ित भाजपा नेता ने इस प्रकरण से ऊर्जा मंत्री सहित अन्य भाजपा के नेताओं को अवगत कराया। इसके बाद भी पीड़ित के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर उल्टी कार्यवाही कर दी गई है। इससे माफियाओं और भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस अधिकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता भी पीड़ित ललित पाठक का खुलकर साथ देने से कतराते नजर आ रहे हैं। इससे ललित पाठक काफी परेशान है।


थाना हाईवे क्षेत्र में मिट्टी खनन का काम काफी समय से चल रहा था। किसी कारण वश इस काम को बंद करा दिया गया। इस पर खनन माफिया ने थाना हाईवे के सिपाही राघवेंद्र सिंह से अपना काम शुरु कराने के लिए बातचीत की। इस बातचीत में सिपाही सुविधा शुल्क के रुप में प्रतिमाह 25 हजार की जगह 50 हजार रुपए की मांग की। माफिया राजवीर ने पैसे कम कराने और काम शीघ्र शुरु कराने का आग्रह किया तो सिपाही ने अगले दिन मिलने की कहा। साथ ही फोन पर यह भी कहा कि अब भाजपा की सरकार है। तो पैसा अधिक लगेगा। इस बातचीत की रिकार्डिंग माफिया राजवीर ने भाजपा नेता ललित पाठक को दे दिया। ललित पाठक ने इस ऑडियो रिकार्डिंग को एसएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और भाजपा नेताओं को भेज दिया। इस पर पुलिस ने माफिया राजवीर सिंह को ही हिरासत में ले लिया और उसे टॉर्चर कर ऑडियो वायरल करने वाले भाजपा नेता ललित पाठक के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस की इस उल्टी कार्यवाही की और सिपाही के साथ माफिया की बातचीत की रिकार्डिंग की जनपद में चर्चा हो रही है। योगी के सुशासन की पोल खोलता ऑडियो सुनें……

राजवीर सिंह निवासी गांव अडूकी थाना हाईवे ने थाना हाईवे में भाजपा के सतोहा मंडल उपाध्यक्ष ललित पाठक के खिलाफ अपने मोबाइल से सिपाही के साथ की गई बात की रिकार्डिंग को बिना उसकी मर्जी के वायरल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। राजवीर सिंह का आरोप है कि उसके ललित पाठक पर करीब 2.50 लाख रुपए का लेनदेन था। वह उनसे तगादा करने गया था तो वहां उसके साथ गाड़ी में अन्य 3-4 लोग भी कार में बैठे थे। उसने अपने पैसे मांगे तो इसी दौरान ललित पाठक ने उसका फोन ले लिया और बिना उसकी मर्जी के फोन की गैलरी में फोटो और रिकार्डिंग देखने लगा। बाद में पता लगा कि ललित पाठक ने बिना उसकी अनुमति के ही फोन में से ऑडियो रिकार्डिंग निकाल ली। इस ऑडियो रिकार्डिंग में थाना हाईवे में तैनात सिपाही राघवेंद्र से मजाक में हुई बातचीत की एक रिकार्डिंग भी ललित पाठक ने निकाल ली और इसे वायरल कर दिया। राजवीर सिंह का कहना है कि उसके फोन में ऑटो रिकार्डिंग लगी हुई है।

राजवीर सिंह

तो सिपाही के साथ मजाक में हुई बातचीत भी फोन में रिकार्डिंग हो गई। यह रिकार्डिंग उसने किसी भी बुरे उद्देश्य से नहीं की थी। साथ ही उसने ललित पाठक पर यह भी आरोप लगाया कि वह मिट्टी खनन का कार्य करता था और वह अपने इसी कार्य को थाना हाईवे क्षेत्र में करना चाह रहा था। इस पर सिपाही राघवेंद्र ने उसे डांटकर भगा दिया था। तभी से ललित पाठक सिपाही राघवेंद्र से खुन्नस मान रहा था और उसके फोन में से राघवेंद्र के साथ बातचीत की रिकार्डिंग को बदला लेने के लिए निकाल लिया और इसी उद्देश्य से वायरल कर दिया। इसी आरोप में थाना हाईवे में ललित पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
वहीं आरोपी भाजपा के सतोहा मंडल उपाध्यक्ष के ललित पाठक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की है। पोस्ट के अनुसार राजवीर सिंह स्वयं मिट्टी खनन माफिया है। उसने ही थाना हाईवे के एक सिपाही राघवेंद्र सिंह से अपने बंद काम को शुरु कराने के लिए फोन पर बातचीत की थी। इसी बातचीत की रिकार्डिंग लेकर राजवीर सिंह स्वयं उसके पास आया था। राजवीर सिंह से मिली रिकार्डिंग को उसने तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसपी सिटी, सीओ रिफाइनरी और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के भाई सूर्यकांत शर्मा को भेजकर सिपाही की शिकायत की थी। इससे चिढ़कर ही तत्कालीन थानाध्यक्ष नितिन कसाना ने राजवीर सिंह से जबरन उसके खिलाफ ही आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया है। ललित पाठक ने विषबाण को फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उसने 2 जून को तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को इस प्रकरण से अवगत कराया था। अब 18 जून को उन्होंने भाजयुमो के जिलाध्यक्ष यज्ञदत्त कौशिक, भाजयुमो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पवन हिंडौल सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ नवागत एसएसपी शलभ माथुर को भी अवगत कराया। एसएसपी शलभ माथुर ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। पीड़ित ललित पाठक द्वारा इस प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से करने की बात कही है। फिलहाल मामले की जांच एसपी सिटी द्वारा की जा रही है।
इस प्रकरण में भाजपा नेताओं द्वारा पीड़ित ललित पाठक का खुलकर साथ नहीं दिया जा रहा है। यदि भाजपा नेता पीड़ित का साथ देते तो पुलिस की कार्यशैली को बेनकाब करने वाले पीड़ित के खिलाफ कभी मुकदमा दर्ज नहीं हो पाता। यह काफी सोचनीय बात है कि अभी कुछ दिन पुलिस द्वारा पकड़े गए क्रिकेट सटोरियों को पुलिस द्वारा पकड़ा गया था तो भाजपा के नेताओं का सटोरियों को छुड़ाने के लिए कोतवाली में जमावड़ा लग गया था जबकि ललित पाठक द्वारा तो सिपाही द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है। इसके बाद भी उसके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई फिर भी भाजपा नेता एकत्रित होकर उसके समर्थन में नहीं आ सके।