ब्लैक स्टोनः कंट्रोलर हटाने के आदेश पर फंसे जेडी आगरा!, शासन ने मांगी आख्या

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मथुरा। ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब हाल ही में जारी किए गए प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने के अपने आदेश को निरस्त करने के आदेश में संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा भी फंसते नजर आ रहे हैं। शासन ने शिक्षा निदेशक से इसकी तीन दिन के अंदर आख्या मांगी है।
ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज बीते काफी समय से विवादों का अखाड़ा बना हुआ है। करीब 2 वर्ष पहले शिक्षिकाओं की नियुक्ति, फिर इस नियुक्ति को विवादित बताते हुए शिक्षिकाओं की बर्खास्तगी, कोर्ट के आदेश पर शिक्षिकाओं का काम पर वापस लौटना, विद्यालय की जमीन को प्रबंध समिति द्वारा बेचा जाना, प्रबंध समिति द्वारा कालेज स्टाफ को वेतन जारी न करना, जमीन को बेचने के लगे आरोपों का जांच में सही पाया जाना आदि ऐसे विवाद रहे हैं जो कि अभी तक खत्म नहीं हो पा रहे हैं। इन सब प्रकरणों को देखते हुए गत मई माह में जेडी आगरा ने आदेश जारी करते हुए प्रबंधक बी लाल को हटाकर कालेज पर प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त कर दिया था। वहीं इसी कड़ी में हाल ही में ताजा विवाद उस समय खड़ा हो गया था जब कालेज की बेशकीमती रोड साइड जमीन पर अचानक बाउंड्रीवॉल होने लगी। पहले तो प्रधानाचार्या इसे कालेज द्वारा खेल के मैदान के रुप में विकसित किया जाना बता रही थीं। जब अधिक सवाल किए तो नगर निगम द्वारा निर्माण किया जाना बताया। लेकिन उन्हें लगा कि वह इसमें फंस सकती हैं तो उन्होंने डीआईओएस से स्वयं ही दीवार निर्माण की शिकायत कर दी। इसमें बताया कि उन्हें पता ही नहीं है कि दीवार का निर्माण कौन करा रहा है।

इस प्रकरण की जानकारी मिलते ही जेडी आगरा ने प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने के अपने मई माह के आदेश को निरस्त करते हुए पूर्ववत स्थिति बहाली के आदेश जारी कर दिए। अर्थात् एक बार फिर कालेज का प्रबंधन जमीन बेचने और अनियमितताओं की आरोपी प्रबंधक बी लाल के पास ही पहुंच गया। इसकी जानकारी मिलते ही शासन ने शिक्षा निदेशक से 3 दिन के अंदर आख्या मांग ली है। अनु सचिव शासन अतुल कुमार मिश्र के आदेश पर संयुक्त सचिव उप्र शासन शत्रुन्जय कुमार सिंह ने शिक्षा निदेशक को जारी किए गए आदेश पत्र में लिखा है कि 20 मई को जेडी आगरा द्वारा ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज में प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने के आदेश दिए गए थे। इसमें प्रबंधक द्वारा की जा रही अनियमितताओं को आधार बताया था। अब 12 जून को जेडी आगरा ने अपने आदेश को निरस्त करते हुए पूर्व की व्यवस्था बहाल कर दी गई। शासन ने इस आदेश पर सवाल उठाते हुए जेडी आगरा को अनियमितताएं छिपाने के लिए जिम्मेदार बता दिया है। साथ ही शिक्षा निदेशक से अपने स्तर से जांच कर 3 दिन के अंदर आख्या मांगी गई है। वहीं जेडी आगरा को भी आदेश दिया गया है कि वह भी 3 दिन के अंदर यह अवगत कराएं कि उनके द्वारा जारी 20 मई के आदेश पत्र में प्रबंध समिति द्वारा की जा रही गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का निस्तारण प्रबंध तंत्र द्वारा किया जा चुका है अथवा नहीं। ऐसे में जेडी आगरा ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज के विवादों में फंसते हुए नजर आ रहे हैं।