ट्रिपल ‘S’ के गठजोड़ में फंसा है ब्रज विकास

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मथुरा। राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। कुछ इसी तर्ज पर जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा खुलेआम सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लूट की जा रही है। तो कहीं श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इन सब कार्यां को एक योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। धनराशि के बंदरबांट में जो भी आड़े आ रहा है उसे साम, दाम, दंड, भेद अपनाकर चुप कराया जा रहा है। इस खुली लूट में ट्रिपल ‘एस’ का गठजोड़ सामने आ रहा है।

योगीराज श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा एक धार्मिक पर्यटन नगरी है। प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु यहां गोवर्धन परिक्रमा लगाने, बांके बिहारी मंदिर, ठा. द्वारिकाधीश मंदिर सहित गोकुल, बरसाना, नंदगांव, बलदेव आदि स्थित मंदिरों के दर्शन करने, यमुना का चुनरी मनोरथ करने आदि के लिए आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार यहां पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए बीते काफी समय से प्रयास कर रही हैं। इसमें भी वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद इसमें काफी तेजी आई है। अब बीते 2 वर्ष से प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है तो इन कार्यां में कोई अड़ंगा भी नहीं लग रहा है और करोड़ों-अरबां के प्रोजेक्ट मथुरा के लिए स्वीकृत किए जा रहे हैं।

इन्हीं प्रोजेक्ट की आड़ में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा अवमुक्त धनराशि मिलीभगत कर ठिकाने लगाई जा रही है। जहां आवश्यकता नहीं है वहां मंदिरों, कुंडां का जीर्णाद्धार किया जा रहा है। ताकि जनता की नजर से बचकर आसानी से घोटाला किया जा सके। पहले से हो चुके कामों को अपना नाम देकर रुपए की बंदरबांट की जा रही है। मथुरा में पर्यटन से संबंधित जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की संचालित अथवा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी के लिए आरटीआई कार्यकर्ता कमल शर्मा निवासी छटीकरा ने बृज विकास तीर्थ ट्रस्ट से आरटीआई द्वारा जानकारी मांगी लेकिन दिसंबर माह में आरटीआई भेजे जाने के लगभग 6 माह बीतने के बाद भी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है। पर्यटन से जुड़े इन घोटालों पर मथुरा के बृज विकास तीर्थ ट्रस्ट, प्रशासन एवं नगर निगम से जुडे़ बड़े अधिकारियों में शामिल ट्रिपल ‘एस’ का महत्वपूर्ण घटजोड़ सामने आ रहा है। कुछ ऐसे ही केस विषबाण की पड़ताल में सामने आए हैं। जिन्हें विषबाण अपने जागरुक पाठकों के साथ साझा करने का प्रयास कर रहा है।

केस नंबर 1- गोकुल में रसखान समाधि स्थल पर सरकार द्वारा विकास कार्य के नाम पर एक भवन का निर्माण कराया गया। 1.51 करोड़ की लागत से निर्मित इंटरप्रिटेशन कक्ष के उच्चीकरण के लिए फिर से 3.33 करोड़ रुपया स्वीकृत किया गया। जबकि यहां इस कक्ष का न तो कोई काम है और न ही इस कक्ष का कोई उपयोग हो रहा है। इसके बाद भी इसके उच्चीकरण के लिए बृज विकास तीर्थ विकास ट्रस्ट द्वारा योजना तैयार कर रुपया स्वीकृत कराया गया। जबकि यह स्थल विवादित भी है क्योंकि काफी लोगों का यह भी मानना है कि यह रसखान का समाधि स्थल नहीं है। उक्त निर्माण कार्यां पर बलदेव विधायक पूरन प्रकाश एवं पद्म श्री साहित्यकार मोहन स्वरुप भाटिया द्वारा भी सवाल उठाए गए थे। यहां तक कि यहां लगने वाली शिलापट्टिका पर उद्घाटन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सांसद हेमामालिनी की उपस्थिति अंकित है लेकिन यहां ऐसा कोई कार्यक्रम ही आयोजित नहीं किया गया।

केस नंबर 2- गोवर्धन में गोवर्धन परिक्रमा लगाने के लिए हेलीकॉप्टर योजना आरंभ करने की योजना 5 करोड़ की लागत से तैयार की गई है। यहां काम भी आरंभ करा दिया गया है। योजना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेला में योजना का शुभारंभ कर दिया जाए ताकि परिक्रमार्थी इसका लाभ उठा सके। इसके लिए गोवर्धन में ही हेलीपैड बनाया जा रहा है। लेकिन इस योजना में ब्रजवासियों के साथ भक्तगणों की आस्था के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। परिक्रमा का महत्व नंगे पैर परिक्रमा लगाने से है। जबकि हेलीकॉप्टर से परिक्रमा लगाने का कोई महत्व नहीं है। इससे पहले वृंदावन में भी श्रद्धालुआें को हेलीकॉप्टर के माध्यम से ब्रज दर्शन की योजना तैयार की गई थी। कुछ दिन यह योजना संचालित भी की गई लेकिन फेल हो गई।

केस नंबर 3- नौहझील में नौ झीलों के अस्तित्व को खोजने के लिए ब्रज विकास तीर्थ ट्रस्ट द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। यहां हो रहे अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाया गया है। इसके लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। योजना है कि नौ झीलों का विकास कर इसे पर्यटन के रुप में विकसित किया जाए लेकिन इसमें भी लोगों को साजिश की बू आने लगी है। कई लोगों का मानना है कि यह सब कार्य सिर्फ भूमाफियाओं के इशारे पर किए जा रहे हैं। ताकि

मोहनस्वरुप भाटिया

भूमाफिया इस जमीन पर आसानी से कब्जा कर ले। साथ ही नौ झीलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए आने वाली धनराशि का बंदरबांट किया जा सके।
मोहनस्वरुप भाटिया का कहना है कि उप्र सरकार ब्रज विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर ब्रज संस्कृति को नष्ट कर रही है। श्री भटिया कहते हैं कि परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह विश्राम स्थल तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाये। जिसका पर्यटकों को अच्छा लाभ मिलेगा। उन्होंने हेलीकॉप्टर सेवा पर कहा कि गोवर्धन परिक्रमा का महत्व का पैदल परिक्रमा से है न कि हवाई मार्ग से। सरकार भक्तों को ब्रज रस से वंचित कर प्राचीन पंरपराओं को नष्ट कर रही है। श्रद्धालुओं को ब्रज रज के आनंद की अनुभूति होनी चाहिए। यहां वह धार्मिक उद्देश्य से आते हैं न कि मुंबई दिल्ली की तर्ज पर हवाई मार्ग का आनंद लेने।

विनीत नारायण

इस योजना पर प्रसिद्ध पत्रकार एवं द बृज फाउंडेशन के फाउंडर विनीत नारायण ने भी सवाल उठाए हैं। उनका भी यही कहना है कि यह योजना पूरी तरह आस्था के विपरीत है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। गोवर्धन परिक्रमा का महत्व पैदल लगाने से ही है। श्रद्धालुओं की इस आस्था पर सरकार को पूरी तरह से ध्यान देना होगा। हेलीकॉप्टर उड़ने से आधुनिकता तो आएगी लेकिन प्राचीन संस्कार खत्म हो जाएंगे।

अनुपम गौतम
अनुपम गौतम

सामाजिक कार्यकर्ता अनुपम गौतम ने विषबाण को बताया कि सरकारी धन की ब्रज में खुली लूट हो रही है। जो भी इसके विरोध में आवाज उठाता है। उसी को संतुष्ट किया जा रहा है। घोटाले का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि अफसर ब्रज विकास से संबंधित कार्यां की जानकारी देने को तैयार नहीं है। सरकार इसकी जांच कराए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।