विधानसभा में गूंजा मुकुंद रिसोर्ट के अवैध निर्माण का मुद्दा, प्रमुख सचिव तलब

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मथुरा। शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति द्वारा संचालित किए जा रहे मुकुंद रिसोर्ट के अवैध निर्माण को लेकर एमवीडीए द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने का मुद्दा आखिरकार विधानसभा में गूंजा। विधानसभा में प्रमुख सचिव आवास सहित अन्य कई अधिकारियों को तलब किया गया। इसके बाद भी मुकुंद रिसोर्ट पर कार्यवाही न होना उद्योगपति की ऊंची पहुंच और रसूख का एक बड़ा उदाहरण है। हालांकि कुछ दिन पूर्व नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने मुकुंद रिसोर्ट के हाईवे की तरफ अवैध तरीके से बनाए गए गेट के सामने जेसीबी से गड्ढा खोदते हुए इसे बंद कर दिया था। लेकिन इस गड्ढे को फिर से भर दिया गया है। इससे एनएचएआई की कार्यवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शहर के जाने माने उद्योगपति विनोद गर्ग कसेरे का कृष्णानगर पुलिस चौकी के सामने मुकुंद रिसोर्ट के नाम से मैरिज होम संचालित हो रहा है। आरोप है कि इन्होंने मुकुंद रिसोर्ट का निर्माण अपनी जमीन के साथ सरकारी जमीन और पड़ोसी की निजी जमीन पर करा लिया था। इसके साथ ही मैरिज होम का एक गेट का निर्माण हाईवे की तरफ एनएचएआई की एनओसी के बिना ही करा लिया था। सरकारी जमीन के साथ किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर अवैध निर्माण और एनएचएआई की एनओसी लिए बिना हाईवे की तरफ गेट का निर्माण करा लेने की कई शिकायतें शिकायतकर्ता राजेश शर्मा द्वारा की गईं। जांच में शिकायतें सही पाई गई तो कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम द्वारा एनओसी निरस्त कर दी गई। पीडब्लूडी ने अपनी एनओसी निरस्त कर दी। साथ ही एमवीडीए ने नक्शा निरस्त करते हुए ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही के निर्देश दिए लेकिन उद्योगपति की ऊंची पहुंच और रसूख के चलते ही यह कार्यवाही नहीं हो पा रही थी। रिसोर्ट में विवाह समारोह के साथ किसी भी प्रकार के आयोजनों पर रोक लगा दी गई थी लेकिन फिर भी यहां बुकिंग लेकर विवाह एवं अन्य समारोह आयोजित किए जा रहे थे। इसके बाद भी मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। विधानसभा में मामला उठा तो 12 जून को विधानसभा में प्रदेश के प्रमुख सचिव आवास सहित मथुरा के एमवीडीए उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रताप को भी तलब किया गया लेकिन इसके बाद भी उद्योगपति के रसूख के चलते कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। हालांकि कुछ दिन पूर्व एनएचएआई के अधिकारी अपने जेसीबी के साथ मुकुंद रिसोर्ट के हाईवे स्थित गेट पर पहुंच गए थे और उन्होंने जेसीबी से हाईवे की तरफ बने गेट के सामने गड्ढा करना शुरु कर दिया। इसके बाद इस द्वार को बंद कर दिया। लेकिन इस कार्यवाही के बाद फिर से गड्ढों को पाट दिया गया है। आपको बता दें कि मथुरा शहर में एमवीडीए अधिकारियों की मिलीभगत के चलते सैकड़ों अवैध निर्माण हो रहे हैं। शिकायत के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचते अवश्य हैं लेकिन सेटिंग-गेटिंग के बाद निर्माण अनवरत जारी रहता है। देखना होगा कि आखिरकार इस अवैध निर्माण पर प्रशासन की कुंभकर्णी नींद कब खुलेगी।