ब्लैक स्टोन प्रकरणः दीवार निर्माण के विरोध में उतरी क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी, कंट्रोलर हटे

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मथुरा। ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज की जमीन पर हो रहे बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी भी विरोध में आ गई है। वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा ने कालेज कंट्रोलर नियुक्त करने के अपने पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है। इससे कालेज की प्रबंधक एक बार फिर बी लाल हो गई हैं। इन्हीं प्रबंधक पर कालेज की जमीन को बेचने का आरोप है। विरोध के बाद भी कालेज की जमीन पर दीवार निर्माण अनवरत जारी है।
ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज की कृष्णापुरी चौराहा से लेकर मैथोडिस्ट चर्च तक की बेशकीमती जमीन कालेज की तत्कालीन प्रबंधक बी लाल पर भूमाफियों को 83 लाख रुपए में बेचने का आरोप है। यह रुपए भी कालेज के खाते में जमा नहीं किए गए वरन् अपने निजी उपयोग में ले लिए गए। इसकी शिकायतें हुई तो बी लाल को प्रबंधक पद से हटाते हुए कालेज पर प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त कर दिया गया। राजकीय उमा विद्यालय बछगांव के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार को नियंत्रक बनाया गया। साथ ही जांच में जमीन बेचने और यह रुपया कालेज के खाते में जमा न करने के आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश हुए लेकिन आदेश पर कोई अमल नहीं किया गया। कोई कार्यवाही न होते देख कालेज की जमीन पर भूमाफियाओं ने बाउंड्रीवॉल निर्माण आरंभ करा दिया। करीब एक सप्ताह से चल रहे दीवार निर्माण को बंद कराने में न तो कालेज कंट्रोलर, न प्रधानाचार्या और न ही डीआईओएस ऑफिस ने कोई दिलचस्पी ली। जब विषबाण ने समाचार प्रकाशित किया तो विभाग के साथ सभी में खलबली मच गई। आगरा संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कंट्रोलर नियुक्त करने के अपने पुराने आदेश को निरस्त करते हुए पूर्ववत स्थिति बहाल कर दी है। ऐसे में बी लाल ही फिर से प्रबंधक बन गई हैं। वहीं दूसरी ओर समाचार प्रकाशित होने पर जानकारी मिलने से क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी दीवार निर्माण के विरोध में उतर आई है।

गुरुवार को सोसायटी के कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर दीवार निर्माण को रुकवाने का प्रयास किया लेकिन कुछ देर बाद ही काम फिर से आरंभ हो गया। सोसायटी के उपाध्यक्ष आरके मसीह ने बताया कि यह सभी जमीन चर्च की है। इसमें कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि चर्च की जमीन न तो किसी को बेची जा सकती है, न लीज पर दी जा सकती है, न ही यहां कोई निर्माण कार्य हो सकता है। इसके बाद भी यह जमीन बेच दी गई और अब यहां निर्माण हो रहा है। जो कि पूरी तरह अवैध है। इसे रोकने के लिए सोसायटी डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करेगी। डीआईओएस केपी सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है। प्रथमदृष्टया जांच में निर्माण को सही बताया गया है लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जब निर्माण सही है तो फिर कालेज प्रधानाचार्या ने इसकी शिकायत क्यों की है तो वह इसका कोई जवाब नहीं दे सके।