ब्लैक स्टोन इंटर कालेज की जमीन पर हो रही बाउंड्रीवॉल, जमीन कब्जाने की चर्चा

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मथुरा। शहर की नामचीन अल्पसंख्यक संस्था पर भूमाफियाओं की नजरें काफी दिनों पहले ही गढ़ चुकी थीं। इसके चलते ही इस कन्या इंटर कालेज की जमीन प्रबंधन ने मिलकर भूमाफियाओं को बेच दी थी। अब इस संस्थान की विवादित जमीन की बाउंड्रीवॉल कराई जा रही है। हैरत की बात तो यह है कि बाउंड्रीवॉल निर्माण की जानकारी से जहां कालेज कंट्रोलर अंजान हैं वहीं प्रधानाचार्या को यह जानकारी नहीं है कि इसका निर्माण कौन करा रहा है। डीआईओएस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कृष्णापुरी चौराहा स्थित ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज एक अल्पसंख्यक संस्था है। विगत कई वर्षां से यह संस्था लगातार विवादां में घिरी रही है। अनियमित तरीके से शिक्षक भर्ती करने, उन्हें बर्खास्त करने, शिक्षकों द्वारा कोर्ट से बर्खास्तगी के खिलाफ स्टे लेने, यहां की जमीन को गलत तरीके से भूमाफिया को बेचने आदि विवाद इसके उदाहरण हैं। आरोप है कि संस्थान के खेल के मैदान, पुस्तकालय और प्रधानाचार्य आवास को कालेज प्रबंधन ने भूमाफियाओं को काफी समय पूर्व बेच दिया था। इसके एवज में मिले 83 लाख रुपए विद्यालय के खाते में भी जमा नहीं कराए गए। शिकायत पर हुई जांच में यह आरोप सही पाए गए। संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा ने डीआईओएस को इस मामले में स्कूल प्रबंधक को हटाने और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए। भूमाफियाओं ने इस जमीन पर कब्जा लेने का काफी प्रयास किया था लेकिन वह पहले सफल नहीं हो सके थे। अब स्कूल की रोड साइड जमीन पर बाउंड्रीवॉल कराई जा रही है। आरोप है कि यह दीवार भूमाफियाओं द्वारा कराई जा रही है ताकि जमीन पर कब्जा किया जा सके। वहीं स्कूल की प्रधानाचार्य रश्मि शर्मा से विषबाण द्वारा वार्ता की गई तो उन्होंने कालेज की जमीन पर हो रहे दीवार निर्माण में भूमाफिया की भूमिका से तो इंकार किया लेकिन वह यह भी स्पष्ट रुप से नहीं बता सकीं कि यह बाउंड्रीवॉल किस माध्यम से कराई जा रही है। कभी वह इसका निर्माण नगर निगम द्वारा कृष्णापुरी चौराहे के सौंदर्यीकरण के तहत किए जाने की बात कह रही हैं तो कभी वह इसे स्कूल द्वारा बनवाए जाने की बात कह रही हैं। एक बार तो उन्होंने यह भी कहा कि यहां स्कूली छात्रों के लिए पार्क विकसित किए जाने के उद्देश्य से दीवार निर्माण हो रहा है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने दीवार निर्माण को लेकर डीआईओएस से शिकायत की है।

इस संबंध में डीआईओएस केपी सिंह से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत मिली है। जांच करने के लिए कालेज कंट्रोलर प्रमोद कुमार को आदेशित किया गया है। वहीं प्रबंध संचालक प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें अभी कोई जांच पत्र नहीं मिला है। जैसे ही आदेश पत्र मिलेगा जांच शुरु कर दी जाएगी। उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कालेज की जमीन पर लगाई जा रही दीवार की जानकारी है तो उन्होंने इंकार कर दिया। जबकि यहां दीवार निर्माण करीब एक हफ्ते से चल रहा है। इसके बाद भी उन्हें दीवार निर्माण की जानकारी न होना संदेह की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। वहीं प्रधानाचार्या द्वारा प्रबंध संचालक को दीवार निर्माण की जानकारी न देना भी उनकी दीवार बना रहे लोगों से मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।