पत्रकारिता दिवसः मंच पर आसीन हुआ हत्या का आरोपी संत, मचा हड़कंप

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मथुरा। पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हत्या के आरोपों का सामना कर रहे एक संत को मंचासीन किए जाने पर कार्यक्रम विवादों के घेरे में आ गया है। इसे लेकर मीडिया जगत में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
गुरुवार 30 मई को उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा स्थानीय होटल में आयोजित संगोष्ठी उस समय विवादों में आ गई। जब अपनी शिष्या के हत्या के आरोपी राधाकुंड आश्रम के संत बाबा केशवदास को मंच पर स्थान दिया गया। पीड़ित पक्ष द्वारा विषबाण को उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के मुताबिक शिष्या के पिता विजयकृष्ण मंडल निवासी उड़ीसा का आरोप है कि उनकी पुत्री दीपिका दासी आयु करीब 55 वर्ष बीते करीब 35 वर्षां से गोवर्धन के राधाकुंड में रहकर भगवत भजन करती चली आ रही थी। दीपिका का अधिकतर समय राधाकुंड स्थित बृजानंद घेरा घाट वाले मंदिर निवासी बाबा केशवदास एवं सनातन दास बाबा निवासी श्यामसुंदर मंदिर राधाकुंड के यहां आती-जाती और अस्थाई रुप से रहती थीं। आरोप है कि 8 अक्टूबर 2018 को कुमारी दीपिका दास बाबा केशवदास के साथ भारतीय स्टेट बैंक राधाकुंड एवं सिंडीकेट बैंक राधाकुंड गई थी। इसके बाद से ही दीपिका दास गायब है। उक्त बाबाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। विजयकृष्ण को बाबा ने बताया कि दीपिका झारखंड गई है और किसी को बताने से मना कर गई है। जबकि दीपिका दास की बड़ी बहन गीता विश्वास को बताया कि दीपिका दास वृंदावन गई है। अधिक पूछताछ करने पर अभद्रता और धमकी देकर भगा दिया। पिता विजयकृष्ण का कहना है कि उसे पूरा विश्वास है कि दीपिका का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई है। बाबा केशव दास रघुनाथ दास गद्दी के महंत अनंतदास का शिष्य है। इसके चलते इसका साधु समाज का काफी भय है। विजय कृष्ण ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना गोवर्धन से लेकर एसएसपी तक कई चक्कर लगाए लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद विजय कृष्ण ने कोर्ट की शरण ली। 15 नवंबर 2018 को कोर्ट ने गोवर्धन पुलिस से बैंक के सीसीटीवी फुटेज और दीपिका के मोबाइल की कॉल डिटेल मांगी लेकिन पुलिस करीब एक माह पूर्व सिर्फ कॉल डिटेल ही सबमिट की है। विजय कृष्ण का आरोप है कि स्थानीय पत्रकार और पुलिस आरोपी बाबा को बचाने में लगे हुए हैं। इसी आरोपी बाबा केशवदास को गुरुवार को पत्रकारिता दिवस समारोह में मंच पर आसीन करते हुए सम्मानित किया गया।

इसके आसपास बलदेव विधायक पूरन प्रकाश, गोवर्धन विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह, मेयर डॉ. मुकेश आर्यबंधु सहित अन्य सम्मानित और गणमान्य नागरिक भी बैठे हुए थे। हत्यारोपी बाबा के मंच पर बैठने की जानकारी मिलते ही मीडिया एवं राजनैतिक जगत में खलबली मच गई है। इस कार्यक्रम के आयोजक भी फिलहाल तीन मामलों के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसमें वर्ष 2014 में छात्रा रेप केस की सुनवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चल रही है। वहीं जिला सूचना अधिकारी भी थाना सदर बाजार में इनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता की रिपोर्ट गत माह दर्ज कराई गई है। जबकि एक अन्य मामले में डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर मान्यता कार्ड नवीनीकरण की जांच भी चल रही है। इन्हीं मामलों की शिकायत विरोधियों द्वारा शासन प्रशासन से किए जाने पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल नंदी का कार्यक्रम निरस्त हो गया। साथ ही प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम से अपने कदम पीछे खींच लिए। शहर के प्रमुख समाजसेवी, उद्योगपति एवं प्रमुख पत्रकारों ने भी कार्यक्रम से दूरी बना ली।
इससे पहले भी एक अन्य संगठन द्वारा आयोजित कराए गए पत्रकारिता दिवस समारोह का पूरा खर्चा गोवर्धन के संत की हत्या के आरोप में फंसे आरोपी द्वारा उठाए जाने की चर्चा होती रही हैं। इसी तरह 2018 में आयोजित पत्रकारिता दिवस समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को शहर के प्रमुख सट्टा किंग द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किए जाने का फोटो भी वायरल हुआ था।