मथुराः लस्सी विक्रेता की मौत के बाद पनपा आक्रोश, बाजार बंद, तनाव

0
2732

मथुरा। शहर के व्यस्ततम चौक बाजार में लस्सी के पैसे मांगने पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा की गई पिटाई से घायल हुए युवक भारत यादव ने शनिवार की रात्रि में आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों एवं व्यापारी समाज ने रविवार की सुबह चौक बाजार में शव लेकर आई एंबुलेंस को रोककर जाम लगा दिया। होलीगेट से लेकर छत्ता बाजार, मंडी रामदास, चौक बाजार, कच्ची सड़क आदि बाजार में दुकानें बंद हो गईं। आरोपियों ेक अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े होने के कारण सांप्रदायिक तनाव को फैलने से रोकने के लिए एसएसपी सहित अन्य आला पुलिस अधिकारी आनन फानन में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम लगा रहे आक्रोशित लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया। काफी देर तक जाम लगा रहा। एसएसपी द्वारा आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के आश्वासन के बाद लोगों ने बमुश्किल जाम खोला। लोगों में इस घटना में पुलिस कार्यवाही को लेकर अधिक गुस्सा था। उनका कहना था कि जब पुलिस ने आरोपियों को घटना वाले दिन ही पकड़ लिया था तो उन्हें थाने से क्यों छोड़ दिया गया।


थाना गोविंदनगर अंतर्गत चौक बाजार में नत्थो यादव की लस्सी की दुकान है। 18 मई को नत्थो यादव का पुत्र 33वर्षीय भारत यादव दुकान पर बैठा हुआ था। रात्रि में उसकी दुकान पर कुछ मुस्लिम समाज के युवक आए और उन्होंने लस्सी पी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके साथ एक महिला भी थी। इसके बाद वह बिना पैसे दिए ही दुकान से चल दिए। इस पर भारत यादव ने लस्सी के पैसे मांगे तो युवकों ने विवाद शुरु कर दिया। इसके बाद तो मुस्लिम समाज के युवक भारत को अपने साथ पास ही स्थित गली में ले गए और वहां उसे जमकर मारा-पीटा। जानकारी मिलने पर वहां पहुंचे भारत के भाई पंकज के साथ और बीच बचाव करने पहुंचे दुकानदारों के साथ भी मारपीट की। इसके बाद वहां से भाग खड़े हुए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।

घायल भारत यादव को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत में सुधार न होने पर भारत को आगरा स्थित एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। जहां शनिवार रात्रि में युवक ने दम तोड़ दिया। सुबह मृतक के परिजन भारत का शव एंबुलेंस में लेकर मथुरा आए। इसकी जानकारी मिलने पर चौक बाजार के आसपास के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। चौक बाजार में शव पहुंचते ही एंबुलेंस को रोक लिया और शव निकालकर मौके पर ही जाम लगा दिया। मौके पर थोड़ी ही देर में व्यापारी समाज और स्थानीय लोग काफी संख्या में पहुंच गए। आरोपी मुस्लिम समाज के युवक थे। इससे मौके पर मौजूद लोगों में काफी गुस्सा और आक्रोश था। आरोपियों को लेकर कोई सांप्रदायिक दंगा न भड़क जाए।

यह देखते हुए एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज अपनी अधीनस्थों के साथ पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। लोगों के गुस्से को देखते हुए बाजार में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। यहां उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने और शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके काफी देर बाद बमुश्किल लोगों ने जाम खोला। घटना वाले दिन भारत के भाई पंकज ने हनीफ एवं शाहरुख नामक दो युवकों के साथ करीब 10-15 अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की थी। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि पुलिस ने घटना वाले दिन ही कुछ युवकों को पकड़ लिया था लेकिन बाद में उन्हें थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस की इस कार्यशैली ने शहर के लोगों में गुस्सा भर दिया है।

घायल भारत की मौत के बाद जागी पुलिस, दी दबिशें
लस्सी के पैसे मांगने पर हुए विवाद में भारत की जान जाने के बाद पुलिस प्रशासन जागा। चौक बाजार में जब व्यापारियों ने जाम लगा दिया और मौके पर सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए तो पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास तो किया ही साथ ही कार्यवाही किए जाने के भी प्रयास शुरु कर दिए। पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिशें देना शुरु कर दिया लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों और व्यापारियों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। यदि पुलिस ने शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो आने वाले दिनों लोगों का यह गुस्सा बड़े आंदोलन में बदल सकता है।