‘डेथ प्वाइंट’ बनी गांव मकेरा की पुलिया से नहीं गुजरेंगे वाहन

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मथुरा। जनपद से भरतपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित गांव मकेरा की क्षतिग्रस्त पुलिया पर आखिरकार प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जाग ही गया। जर्जर पुलिया अब फिर से किसी की मौत की कहानी न लिख दे। इसे ध्यान में रखते हुए पीडब्लूडी के अधिकारियों ने इस पुलिया पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है। पीडब्लूडी द्वारा भरतपुर की ओर आने-जाने वाहनों के लिए रुट डायवर्ट किया है।


मथुरा की ओर से राजस्थान जाने के लिए मुख्य मार्ग स्थित गांव मकेरा की पुलिया पूर्व में कई बड़े हादसों की गवाह रही है। इसका कारण है कि पुलिया के दोनों ओर सड़क काफी चौड़ी है लेकिन पुलिया की चौड़ाई कम है। चौड़ाई कम होने के कारण इस पर से सिर्फ एक ही चार पहिया वाहन एक बार में निकल पाता है। इससे तेज स्पीड में आते वाहन को संभलने का मौका नहीं मिलता और जर्जर पुलिया पर दुर्घटना का सबब बन जाता है। इस पुलिया पर ही लगभग दो वर्ष 11 जून 2017 को बरेली के परिवार की इनोवा गाड़ी पुलिया से होती हुई फतेहपुर सीकरी रजवाहा में जा गिरी थी। इसमें सवार 10 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले एक टवेरा गाड़ी की नहर में गिर जाने के चलते 12 लोगों की मौत हुई थी। आल्टो कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर 3 लोग मर गए थे। इसी तरह अन्य घटनाएं भी सामने आई थीं। इन घटनाओं में प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता का भी हाथ था। यहां अंधेरा होने के बाद भी न तो यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था थी और न ही कोई सावधानी सूचक बोर्ड लगवाया गया था।

जिससे वाहन चालक पहले ही सतर्क हो जाए। अब पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। तब जाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी सुधि ली है। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि गांव मकेरा स्थित फतेहपुरसीकरी रजवाहा पर बना पुल वर्तमान में अत्यधिक क्षतिग्रस्त स्थिति में है। इसके चलते तकनीकी दृष्टि से भारी वाहनों के आवागमन हेतु पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। मार्ग से गुजरने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर मथुरा की ओर से भरतपुर की ओर जाने वाले वाहनों को मथुरा-सोंख-जाजमपट्टी एवं भरतपुर की ओर से आने वाले वाहनों को जाजमपट्टी-सौंख-मथुरा होकर निकाला जाएगा। ताकि निकट भविष्य की किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान होने से बचा जा सके।