शिक्षक संघ ने मथुरा डीआईओएस को बताया महाभ्रष्ट

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मथुरा। जनपद के डीआईओएस द्वारा शासनादेश होने के बाद भी अब तक सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान शिक्षकों को नहीं किया गया है। उनके कार्यालय द्वारा शासनादेश एवं विभागीय आदेशों को विद्यालयों तक नहीं भेजा जा रहा है। कार्यालय में प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। खुलकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। डीआईओएस महाभ्रष्ट हैं और उन्हें नियमों की ही कोई जानकारी नहीं है। यह सब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने पत्रकार वार्ता में कहा।


प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने मथुरा में जून माह में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय शिक्षक चिंतन शिविर के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मथुरा में शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का डीआईओएस द्वारा शोषण किया जा रहा है। फर्जी शिकायतों को आधार बनाते हुए कार्यवाही की जा रही है। ताकि उगाही की जा सके। शिक्षकों को बिना कारण बताए उनका वेतन रोका जा रहा है। अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर डीआईओएस द्वारा पत्र जारी किए जा रहे हैं। जबकि उन्हें नियमों की कोई जानकारी नहीं है। शासनादेश होने के बाद भी सातवें वेतनमान का एरियर जारी नहीं कराया गया है। कार्यालय में हर पटल पर काम कराने के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं। कहा कि महाभ्रष्ट डीआईओएस से पहले तो सामान्य तरीके से शिक्षकों के शोषण को लेकर वार्ता की जाएगी। यदि वह नहीं तो उनके खिलाफ मथुरा के साथ लखनऊ तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने जून माह में मथुरा जनपद में होने वाले अपने चिंतन शिविर के बारे में बताया कि चिंतन शिविर 16, 17 एवं 18 जून को गायत्री तपोभूमि के युग निर्माण योजना भवन में आयोजित किया जाएगा। कहा कि शिविर में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, तब तक के लिए 14 प्रतिशत नियोक्ता अंशदान के साथ एनपीएस का पूर्ण क्रियान्वयन कराने, वित्तविहीन शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा, शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने, एडेड कालेजों के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन करना, तदर्थ शिक्षकों-व्यावसायिक शिक्षकों एवं कम्प्यूटर शिक्षकों को आमेलित किए जाने, अल्पसंख्यक माध्यमिक कालेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा नियमावली बनाए जाने के साथ शिक्षकों की अन्य प्रमुख समस्याओं के समाधान हेतु शिक्षक आंदोलन की रणनीति निर्धारित की जाएगी। कहा कि वर्ष 2016 में शासनादेश जारी हुआ था कि शिक्षकों की एनपीएस की पासबुक बनाई जाएं लेकिन अभी तक पूरे प्रदेश में एक भी पासबुक नहीं बनी है। इस सरकार में अधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा। कहा कि चिंतन शिविर में आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा और केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद रणनीति पर चलते हुए आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उपकार गुप्ता, जिला मंत्री संजय खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष केपी सिंह चौधरी, डॉ. विमल प्रकाश, निखिल अग्रवाल, डीके सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

डीआईओएस के कुछ कारनामे

– प्रेमदेवी गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या अलका दीप के वेतन निर्धारण के आदेश उच्चाधिकारियों द्वारा फरवरी माह में किए जा चुके हैं लेकिन डीआईओएस केपी सिंह द्वारा आज तक इस संबंध में आदेश नहीं दिए गए हैं।
– महात्मा गांधी स्मारक इंटर कालेज सौंख के वरिष्ठ लिपिक चंद्रभान की सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने के बाद अभी तक उनके पुत्र की मृतक आश्रित में आज तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।
– जानकी बाई कन्या इंटर कालेज की संलग्न प्राईमरी की टीचर सीता शर्मा की पूरी सेवा ही शून्य घोषित कर दी। जबकि वह 31 मार्च 2019 को रिटायर्ड होने वाली थी और उनकी पूरी सेवा लगभग 33 वर्ष की रही है। जबकि डीआईओएस को इस तरह का कोई अधिकार नहीं है।
– बलभद्र इंटर कालेज के संतराम शर्मा के लंबित एरियर प्रकरण का 2 वर्ष पूर्व हाईकोर्ट द्वारा आदेश होने के बाद भी निस्तारण नहीं किया जा सका है। जबकि डीआईओएस द्वारा कई बार सुनवाई भी कर ली गई है।
– केआर गर्ल्स इंटर कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पदोन्नति दफ्तरी पद पर कर दी गई है। जबकि दफ्तरी का पद ही सरकार द्वारा समाप्त किया जा चुका है।

डीआईओएस केपी सिंह ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और मिथ्या हैं। बताया कि प्रधानाचार्य अलकादीप का वेतन निर्धारण किया जा चुका है। मृतक आश्रित की नियुक्ति का पत्र जारी किया जा चुका है हालांकि उनकी नियुक्ति अभी तक कहीं नहीं हो सकी है। जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। सीता शर्मा प्रकरण में एक जांच के आधार पर उनका वेतन रोका गया है और उनका स्पष्टीकरण मांगा गया है। सेवा शून्य घोषित नहीं की गई है। बलभद्र इंटर कालेज प्रकरण में प्रधानाचार्य और प्रबंधक का मुख्य दायित्व है। यह प्रकरण शीघ्र सुलझा लिया जाएगा। शिक्षक संगठन ने सभी तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया है।